एसपी सुजानिया की दरियादिली, युवक को पिता के उपचार के लिए दिए 15 हजार रुपए

एसपी सुजानिया की दरियादिली, युवक को पिता के उपचार के लिए दिए 15 हजार रुपए

मुरैना/ संजय दीक्षित

जिले के नए एसपी अनुराग सुजानिया के पास एक युवक आर्थिक मदद की आस लेकर पहुंचा था। जिसपर एसपी ने तुरंत मदद करते हुए युवक को 15 हजार रुपए अपनी जेब से देकर उसकी मदद की है और लोगों के सामने एक मिसाल पेश की है। दरअसल, युवक के पिता बीमार है, आर्थिक तंगी के चलते युवक के पास अपने पिता का उपचार कराने के लिए पैसे नही थे। जिसके कारण युवक मदद के लिए एसपी कार्यालय पहुंचा था।

गैरतलब है कि कोरोना संकटकाल में इस समय इंसान बेरोजगारी, बीमारी और गरीबी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। वहीं युवक के पास पिता की बीमारी के उपचार के लिए रुपयों का अभाव होने कर कारण उपचार करना असंभव था। पीड़ित युवक को पिता के उपचार के लिए एसपी सुजानिया ने जेब से 15,000 रुपए देकर पुलिस महकमे में बहुत बड़ी मिसाल पेश की है।

वही पीड़ित युवक ने बताया कि उसके पिता किडनी और शुगर के मरीज है। जिसके बाद भी वो घर चलाने के लिए गांव-गांव जाकर सामान बेचते है। जिससे उनका गुजारा होता है, लेकिन कोरोना काल में लगे लॉक डाउन के कारण करीब तीन माह से घर का खर्चा उठाना मुश्किल हो गया है। इस संकट काल रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मेरे परिवार में मेरा छोटा भाई है , मां और पिता दोनों बीमार रहते हैं। हमको आज तक कोई भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिला है। किराए के मकान में रहकर अपना गुजर-बसर कर रहे हैं।

नेकी की दीवार ने मदद के लिए पुलिस अधीक्षक को सारी बातों से अवगत कराया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने तत्काल इस पीड़ित परिवार की मदद करने का फैसला लिया।

पीड़ित परिवार को अपने ऑफिस में बुलाकर अपनी जेब से 15,000 रुपए निकाल कर उसकी आर्थिक सहायता के लिए राशि प्रदान की। इस दौरान सुजानिया ने कहा कि पीड़ित परिवार को राज्य शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराया जाएगा। अनुराग सुजानिया पूर्व में एडिशनल एसपी बतौर मुरैना में रह चुके हैं। उन्होंने चुनाव को शांतिपूर्ण रुप से संपन्न कराया था।

बता दें कि एसपी के इस कार्य से खुश होकर कुछ समाजसेवियों ने पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया का फूल मालाओं से स्वागत किया। जहां कोरोना संकट काल मे कुछ लोग अपनी जेबें भरने लगे हुए हैं, तो कुछ लोग लोगों की मदद कर मिसाल बन रहे है। पुलिस अधीक्षक ने संदेश दिया है कि इस संकट काल में इंसान को इंसान के काम आना चाहिए। यही सबसे बड़ी इंसानियत होती है ।

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