सीजेएम ने उच्च न्यायालय पेश की रिपोर्ट , धड़ल्ले से जारी हैं रेत खनन

सीजेएम ने उच्च न्यायालय  पेश की रिपोर्ट , धड़ल्ले से जारी हैं रेत खनन

मुरैना। संजय दीक्षित।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुरैना ने उच्च न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत कर कहा कि चंबल नदी से अवैध रूप से रेत का खनन हो रहा है। न्यायालय ने सीजेएम की रिपोर्ट पर सरकार से पूछा है कि क्यों ना इसके लिए कलेक्टर, एसपी व डीएफओ को जिम्मेदार माना जाए। न्यायालय ने सैटेलाइट इमेजनरी को लेकर शासन ने क्या प्रयास किए ,इस पर भी रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस शील नागू एवं राजीव कुमार श्रीवास्तव ने एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया की याचिका पर सीजेएम मुरैना को निर्देश दिए थे कि चंबल नदी में हो रहे रेत खनन का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करें। न्यायालय ने उन्हें दिन और रात में निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सीजेएम ने कुछ दिन पूर्व चंबल नदी का औचक निरीक्षण किया तो नदी से अवैध उत्खनन होता हुआ पाया गया। जिसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गई है।इस क्षेत्र में अवैध उत्खनन करने वालों ने ट्रैक्टर ट्रॉली से कई लोगों की दिनदहाड़े जान ली हैं। इसके वाबजूद शासन अवैध उत्खनन को रोकने में असफल साबित हुआ है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews