71 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्टर प्रियंका दास ने किया ध्वजारोहण

71 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्टर प्रियंका दास ने किया ध्वजारोहण

मुरैना। संजय दीक्षित।

मुरैना जिले में गणतंत्र दिवस की वर्षगांठ हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ मनाई गई । आज यहां मुख्य समारोह पुलिस परेड ग्राउण्ड पर भव्य एवं आकर्षक परेड के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया । कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया और भव्य परेड की सलामी ली।
कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने जैसे ही ध्वजारोहण किया तुरंत ही पुलिस बैंड ने राष्ट्रीय धुन बजाई । समारोह के प्रारंभ में पुलिस द्वारा हर्ष फायर किये गए तथा पुलिस बैंड ने राष्ट्रीय धुन बजाई । श्रीमती प्रियंका दास व पुलिस अधीक्षक डाॅ. असित यादव ने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। इसके उपरान्त शहीद परिजनों का शाॅल एवं श्रीफल से सम्मान किया। समारोह में शासकीय अर्द्धशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के बालक बालिकाओं द्वारा शारीरिक व्यायाम, स्कूली छात्र-छात्राओं ने देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर भाषा शैली पर लोकगीत, लोकनृत्य एवं मनोरंजन के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस अवसर पर अन्य विभागों के कर्मचारियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुरैना विधायक रघुराज सिंह कंषाना, महापौर अशोक अर्गल, चम्बल संभाग की कमिश्नर श्रीमती रेनू तिवारी, चंबल रेंज पुलिस महानिरीक्षक अशोक गुप्ता, पुलिस अधीक्षक डाॅ. असित यादव, कॉग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश मावई, पंचायत उपाध्यक्ष मानवेन्द्र गांधी, डीएफओ पी.डी. ग्रेवियल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तरूण भटनागर, जिला पंचायत सदस्य सहित पंचायत पदाधिकारी, पार्षद, स्वतंत्रता संग्राम सैनानी, शहीद सैनिकों के परिजन, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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