मुरैना- वन विभाग कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप, फरियादी ने की कार्रवाई की मांग

मुरैना- वन विभाग कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप, फरियादी ने की कार्रवाई की मांग

मुरैना, नितेंद्र शर्मा। जिले में लगातार वन विभाग की टीम द्वारा लोगों से दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही हैं। ताजा मामले में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसके साथ वन विभाग के कर्मचारी द्वारा धक्कामुक्की और हाथापाई की गई। इसे लेकर उसने डीएफओ को शिकायत की है और कार्रवाई की मांग की है।

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जिले के दिखतपुरा गांव की तरफ चंबल से अवैध रेत का उत्खनन करके ट्रैक्टर ट्रॉली जा रही थे। तभी ट्रैक्टरों का पीछा करते हुए वन विभाग की टीम भी दिखतपुरा गांव की तरफ पहुँच गयी। लेकिन अवैध रेत से भरे हुए ट्रैक्टर ट्रॉली ने वन विभाग को चकमा दिया और रफ्फूचक्कर हो गए। तभी वहां से एक व्यक्ति गुजरा जो जल संसाधन विभाग में नौकरी करने के बाद घर की तरफ जा रहा था। इसपर वन विभाग की टीम के साथ बैठे वन रक्षक रवि तोमर ने राजेंद्र शर्मा नाम के व्यक्ति की मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली और उसे भद्दी भद्दी गालियाँ देने लगा। जब राजेंद्र ने इसका विरोध किया तो गाड़ी में बैठे कर्मचारियों ने कहा कि तुम रेत का अवैध परिवहन करते हो और जिन ट्रैक्टरों का हम पीछा कर रहे थे वह तुमने निकलवा दिए हैं। राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि वो किसी भी रेत के ट्रैक्टर वालों को नहीं जानता और अपनी ड्यूटी कर घर लौट रहा है। आरोप है कि इसके बाद गुस्साए वन रक्षक रवि तोमर एवं उसके अन्य साथियों ने रांजेंद्र का गिरेबान पकड़ा और उसके साथ झूमाझटकी की। राजेंद्र शर्मा ने गाड़ी में बैठी घड़ियाल केंद्र की प्रभारी एसडीओ श्रद्धा पंडरे और रेंजर लाखन शर्मा के सामने जाकर अपने बारे में जानकारी दी, तब कहीं जाकर उन्होंने उसे छोड़ा।उसके बाद रवि तोमर एवं उनके साथी बोले कि अब की बार दिखे तो रेत के अवैध मामले में फंसा देंगे।

इस पूरे मामले को लेकर शुक्रवार को राजेंद्र शर्मा और उसके साथियों ने ने डीएफओ को ज्ञापन सौंपा है। इस पूरे मामले में डीएफओ अमित निकम का कहना हैं कि अगर वन रक्षक रवि तोमर के द्वारा अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया गया है तो जाँच करने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार  पर तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि कुछ वन रक्षक घड़ियाल केंद्र पर नई एसडीओ के आने के बाद अपनी छवि बनाने में लगे हैं। जबकि वास्तविकता ये है कि वन डिपो के सामने से दिनभर रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली निकलते हैं और उनपर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। अक्सर आरोप लगते हैं कि वन विभाग की मिलीभगत से अवैध रेत का कारोबार फलफूल रहा हैं।  ज्ञापन देने वालों में सोनू दीक्षित, सत्यप्रकाश शर्मा,रामनारायण प्रजापति शामिल है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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