मुरैना। जिला पंचायत के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नहीं पहुंचने पर जिला प्रशासन ने पट्टिका से उनका नाम हटा दिया जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष गीता हर्षाना समेत बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से सामने धरने पर बैठ गए। जिला पंचायत के सीईओ और अन्य अधिकारी उन्हें मनाने पहुंचे काफी मान मनोव्वल के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। लेकिन नारेबाजी नहीं रुकी जिला पंचायत सदस्य हमीर पटेल ने जिला प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कार्यक्रम का बाहिष्कार किया तो वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष गीता हर्षना भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर जिला प्रशासन की निंदा करते हुए कार्यक्रम छोडकर चली गईं। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मामले को शांत कराते हुए नारेबाजी कर रहे लोगों को कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया।
शिला पट्टिका में मंत्री जी का नाम नहीं होने से आग बबूला हो गए नेता जी
Written by:Gaurav Sharma
Last Updated:
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






