स्टॉक होने पर भी नहीं दिया राशन, पीडीएस संचालक पर एफआइआर, लायसेंस निलंबित

मध्य प्रदेश

मुरैना, संजय दीक्षित| स्टॉक (Stock) की उपलब्धता होने के बावजूद तीन माह से गेहूँ, चावल तथा अन्य खाद्यान्न वितरित नहीं करना राशन दुकानदार (PDS Operator) को भारी पड़ा है| मामला मुरैना (Morena) जिले का है| शासन तक शिकायत पहुंची, जांच में शिकायत सही पाय जाने पर शासकीय उचित मूल्य विक्रेता पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है, साथ ही दुकान का लाइसेंस अस्थाई रूप से निलंबित (License Suspend) कर दिया गया है|

जानकारी के मुताबिक, मुरैना में शासकीय उचित मूल्य विक्रेता द्वारा अनियमितता की शिकायत मिलने पर मुरैना के जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा की गई जाँच में शिकायत सही पाये जाने पर दुकानदार गिर्राज शाक्य के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गई है तथा दुकान का लायसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।

जाँच में पाया गया कि केकेवाई योजना के तहत राशन दुकानदार द्वारा स्टॉक की उपलब्धता के बावजूद बीते तीन माह से गेहूँ, चावल तथा अन्य खाद्यान्न वितरित नहीं किया गया। इसी प्रकार संबंधित दुकान द्वारा माह जुलाई 2020 से दिसम्बर 2020 तक केकेवाई योजना के तहत स्टॉक की अनुपलब्धता बताकर 84 क्विंटल गेहूँ और 21 क्विंटल चावल से अधिक मात्रा स्टॉक में होने के बावजूद वृद्धाश्रम को खाद्यान्न प्रदाय नहीं किया गया। दुकान में संग्रहीत वस्तुओं का सत्यापन करने पर 52 क्विंटल गेहूँ, 38 क्विंटल चावल और 219 लीटर केरोसीन कम पाया गया जबकि नमक की मात्रा 4 क्विंटल से अधिक पायी गई।

बता दें कि मेनका गांधी प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भंडार (पीडीएस दुकान) के संचालकगोपालपुरा निवासी गिर्राज पुत्र सुखलाल शाक्य पर कोतवाली थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 व 7 के तहत मामला दर्ज करवाया गया है

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews