मुरैना| संजय दीक्षित। मुख्यालय झांसी के आदेश के पालन में मंगलवार को अवैध रूप से टिकट दलालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा हैं।इस अभियान के तहत संदिग्ध आईडी की जांच पड़ताल की जा रही हैं।इस अभियान के दौरान मुरैना निरीक्षक निरंजन सिंह,कॉन्स्टेबल श्यामू,जुगेंद्र सिंह,संजय पचौरी,सुनील कुमार,निरीक्षक अपराध शाखा ग्वालियर के अवधेश गोस्वामी,हेड कॉन्स्टेबल शिवनंदन शर्मा और वरुण दीक्षित ने छापामार कार्यवाही करते हुए दुकान संचालक हरी चन्द्र प्रजापति पुत्र शिवचरण प्रजापति उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम सिंगरौली तहसील जौरा को पकड़ कर पूछताछ की तो उसने बताया कि आईआरसीटीसी के तहत प्राइवेट यूजर आईडी पर रेलवे के टिकट बनाकर उनका व्यापार करता हूं।जाँच के दौरान हरिचन्द्र प्रजापति के कब्जे से 33 पर्सनल की आईडी से 63 ई टिकट बनाए गए थे। जिसकी कीमत 110045 रुपए और करीब 6 ई टिकट भविष्य आईडी जिसकी कीमत करीब 8158 रुपए बतायी गई हैं।जिसमें कुल 69 ई टिकट की कीमत करीब 118203 रुपए बतायी गयी हैं। इसके साथ ही सचिन मुद्गल पुत्र ओमप्रकाश मुदगल उम्र 25 वर्ष जाति ब्राह्मण नि अशोक गली कैलारस के कब्जे से 6 पर्सनल आईडी से 44 ई टिकट मिले जिनकी कीमत 66993 रुपए और भविष्य की 1 टिकट कीमत 1845 रुपए बतायी गयी हैं।कुल 45 ई टिकट की कीमत 68838 रुपए हैं।ई टिकट बेचने का व्यापार कई महीनों से कर रहे थे।दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 187041 रुपए के ई टिकट ,कंप्यूटर, प्रिंटर, सीपीयू और लैपटॉप सहित अन्य सामग्री बरामद की गयी हैं।रेलवे टिकट अवैध कारोबार के सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट अपराध रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया हैं। दोनों आरोपियों को बुधवार को अग्रिम कार्यवाही हेतु न्यायालय में पेश किया जाएगा।
आरपीएफ की बड़ी कार्यवाही, दो आरोपियों के कब्जे से 2 लाख के टिकट सहित अन्य सामग्री बरामद
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






