SDM के गनर सहित 6 की रिपोर्ट पॉजिटिव,एसडीएम क्वारेंटाइन,जिले में हड़कंप

corona

मुरैना/संजय दीक्षित

कोरोना के कहर से अब कलेक्ट्रेक्ट (collectrate) भी अछूता नही रहा। कोरोना ने कलेक्ट्रेट में भी दस्तक दे दी हैं। बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में एसडीएम (SDM) के गनर (gunner) सहित छह लोग पॉजिटिव (corona positive) पाए गए हैं।  एसडीएम के गनर की दो दिन पूर्व जिला अस्पताल में ट्रू नेट मशीन (true net) से जांच कराई गई तब वह पॉजिटिव आया था। उसके बाद क्रॉस जांच के लिए सेंपल ग्वालियर भेजा गया। जिला प्रशासन सहित अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी थी कि ग्वालियर में भी वह पॉजिटिव आ चुका है इसलिए एसडीएम तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और ट्रू नेट मशीन से अपनी भी जांच करवाई। राहत वाली खबर ये है कि उनकी जांच निगेटिव आई है, फिर भी एहतियात के तौर पर एसडीएम (SDM) खुद रेस्ट हाउस में क्वारंटाइन (quarantine) हो गए हैं। उधर एसडीएम कार्यालय (SDM office) पूरी तरह खाली हो गया है। एसडीएम का कार्यालय खुला जरूर था लेकिन सूना पड़ा हैं।

जांच रिपोर्ट में एसडीएम के गनर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से गोपालपुरा की सीमाएं सील कर दी गयी हैं। एसएएफ का आरक्षक जो कि लश्करी पुरा वार्ड 44 का निवासी था, वह 7 जून को पॉजिटिव आया था। उसके ताऊ का लडक़ा, उसका चार साल का भतीजा व 11 साल की भतीजी भी पॉजिटिव आए हैं। एक युवक दत्तपुरा और एक व्यक्ति पीपल वाली माता के पास का रहने वाला है, इनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई हैं। जो भी पॉजिटिव आया है, स्वास्थ्य विभाग के पास उनकी हिस्ट्री नहीं है। आरक्षक के और भी परिजनों को सेंपलिंग के बाद अस्पताल में ही क्वारंटीन किया गया था। लेकिन अन्य जिनकी निगेटिव रिपोर्ट आई है, उनको घर भेजा जा रहा है और जो पॉजिटिव आए हैं, उनको आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews