पुलिस की सख्ती, बिना मास्क वालों के खिलाफ की चालानी कार्यवाही।

पुलिस की सख्ती, बिना मास्क वालों के खिलाफ की चालानी कार्यवाही।

मुरैना, संजय दीक्षित| कोविड -19 (Covid 19) में जहां एक और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है तो वही लोग इसके प्रति लापरवाही नजर आ रहे हैं । इसको लेकर पुलिस (Police) ने अब सख्त रवैया अपना लिया है। शहर में सिटी कोतवाली के सामने, पुल तिराया और राम नगर चौराहे पर अभियान चलाकर बिना मास्क और हेलमेट पहने दुपहिया वाहन चालन के खिलाफ जुर्माना (Penalty) भी वसूला जा रहा है क्योंकि शहर में लगातार लोग संक्रमित हो रहे हैं इसलिए कार्यवाही करना पुलिस और प्रशासन के लिए बहुत बड़ी चुनौती है।

इसके साथ ही बिना मास्क लगाने वालों से पुलिस अपील कर रही है कि बाइक चलाते समय मास्क का उपयोग जरूर करें। मास्क न लगाने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। वही कुछ चिन्हित जगह पर नगर निगम के कर्मचारियों को बैठा कर बिना मास्क लगाने वाले बाइक सवारों की ₹100 की रसीद काटकर चालानी कार्रवाई की जा रही है।

नगर निगम के कर्मचारियों का कहना है कि सोमवार से करीब ₹200 की रसीद काटी जाएगी।वहीं देखा जाए तो चेकिंग के बारे में लोगों को पता चला तो उन्होंने दुकान से जाकर मास्क खरीदें लेकिन उसके बाद भी बाजार में बहुत ही कम संख्या में लोग मास्क लगाकर निकल रहे थे।इसके साथ ही सिटी कोतवाली पुलिस ने बिना मास्क लगाने वाले करीब 48 लोगों के और स्टेशन थाना पुलिस ने करीब 54 लोगों की रशीद काटी गयी हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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