सीएम शिवराज का पलटवार, कमलनाथ बौरा गए हैं, उन्होंने कुछ किया नहीं इसलिए नारियल से डर लग रहा है

सीएम शिवराज का पलटवार, कमलनाथ बौरा गए हैं, उन्होंने कुछ किया नहीं इसलिए नारियल से डर लग रहा है

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| अंचल में चुनावी पारा अपने शबाब पर है। भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) लगातार चुनाव प्रचार में जोर आजमाइश कर रही हैं। ग्वालियर चंबल अंचल (Gwalior-Chambal) में भाजपा की तरफ से जहाँ पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने कमान संभाल रखी है वहीं कांग्रेस की तरफ से पूरा दारोमदार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने अपने कंधे पर ले रखा है। वे लगातार सिंधिया और शिवराज को निशाना बना रहे हैं। अब शिवराज (Shivraj) ने कमलनाथ पर पलटवार किया है और कहा है कि वे बौरा गए हैं उनकी बात का क्या जवाब देना?

राजमाता विजया राजे सिंधिया की जन्म शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम में शामिल होने सोमवार को ग्वालियर पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चौहान ने पूर्व मुख्य कमलनाथ पर पलटवार करते हुए करारा जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी बौरा गए हैं, कल वे कह रहे थे खंबों में तार नहीं है, तारों में बिजली नहीं है, कोई दूसरा पन्ना उन्हें दे दिया, वे भूल गए कि बंटाधार की उपलब्धिया गिना रहे हैं खंबे, तार… और इसलिए वो बौरा से गए हैं उनकी बात का क्या जवाब देना? नारियल फोड़ने को लेकर उठा रहे सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कमलनाथ जी ने तो कुछ किया नहीं अब हम कोरोना काल में भी विकास के काम कर रहे हैं, शिलान्यास कर रहे हैं उनका लोकार्पण कर रहे हैं अब इससे उन्हें तकलीफ है। वो तो कहते थे मेरे पास पैसे नहीं हैं और हम कहते हैं कि पैसे की कमी नहीं है। लगातार विकास के काम हो रहे हैं इससे वो परेशान ना हो तो करें क्या?

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने 11 अक्टूबर को अशोकनगर की चुनावी सभा में शिवराज सरकार के 15 साल के शासन के विकास के दावे को झूठा बताते हुए कहा था कि प्रदेश में स्कूल बिना शिक्षक के, अस्पताल बिना डॉक्टर के,डॉक्टर बिना दवाई के, खंबा बिना तार का, तार बिना बिजली के, किसान बिना दाम के, नौजवान बिना काम के इसीलिए तो जनता ने फैसला लिया था कि फिर शिवराज जी आप किस काम के और इनको घर बैठा दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा था कि मैं कोई महाराजा नहीं, मेरा कोई गुलाम नहीं, मैं मामा भी नहीं, मैं अपनी जेब में नारियल लेकर भी नहीं चलता, मैं घोषणा भी नहीं करता, मैं झूठ भी नहीं बोलता, मैंने कभी चाय भी नहीं बेची, मैं तो सिर्फ कमलनाथ हूं। मैंने कुत्ते की समाधि भी नहीं बनाई, मैंने तो मध्यप्रदेश की धर्म प्रेमी जनता के लिए छिंदवाड़ा में विशाल हनुमान मंदिर बनवाया है। मुख्यमंत्री ने उनके इसी बयान पर पलटवार किया है।

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