शिवराज बोले- जनता को आइफा अवॉर्ड वाला नहीं संकट के पार ले जाने वाला मुख्यमंत्री चाहिए

शिवराज बोले- जनता को आइफा अवॉर्ड वाला नहीं संकट के पार ले जाने वाला मुख्यमंत्री चाहिए

धार/बदनावर, राजेश डाबी| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (Byelection) के लिए राजनीतिक दल अंतिम दौर में पूरी ताकत झोंक रहे हैं| इसी क्रम में धार जिले की बदनावर (Badnawar) विधानसभा में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya scindia) मंच से कांग्रेस और कमलनाथ पर जमकर बरसे|

सीएम शिवराज ने मध्यप्रदेश की जनता को आइफा अवॉर्ड आयोजित करने वाला मुख्यमंत्री नहीं चाहिए है, सरकारी योजनाओं का लाभ देकर जनता को किसी भी संकट के पार ले जाने वाला मुख्यमंत्री चाहिए| सरकार होती है जनता की सेवा और समस्याओं के समाधान के लिए, लेकिन कमलनाथ जी हर समय पैसों के अभाव का रोना ही रोते रहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा मैंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस भरने की योजना बनाई थी, ताकि वे भी पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनकर सपना साकार कर सकें। कमलनाथ जी ने इस योजना को भी बंद कर दिया था, मैंने फिर से इसे प्रारम्भ कर दिया है। मैंने गरीबों के कल्याण के लिए फिर से संबल योजना प्रारम्भ कर दी है। तीर्थ दर्शन और सभी कल्याणकारी योजनाओं को पुन: शुरू किया जायेगा। हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए मैं संकल्पित हूं।

कर्ज की गठरी को शिवराज उतारेगा
शिवराज बोले कमलनाथ ने कर्ज़ तो माफ किया नहीं, उल्टा किसानों के सिर पर कर्ज़ की गठरी रख दी। मेरे किसान बन्धुओं, चिंता मत करना, इस गठरी को शिवराज उतारेगा, क्योंकि यह गरीबों की सरकार है। मध्यप्रदेश की जनता को आइफा अवॉर्ड आयोजित करने वाला मुख्यमंत्री नहीं चाहिए, सरकारी योजनाओं का लाभ देकर जनता को किसी भी संकट के पार ले जाने वाला मुख्यमंत्री चाहिए। मेरे किसान बहनों-भाइयों यूरिया की कोई कमी नहीं रहेगी और जिसने कालाबाजारी की, उसे हथकड़ी लगवाकर जेल भिजवाऊंगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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