Hindi News

स्ट्रांग रूम का वीडियो बनाकर कांग्रेस हुई हमलावर, भोपाल तक पहुंचा मामला, हकीकत सामने आई तो दिखी बैकफुट पर

Published:
स्ट्रांग रूम का वीडियो बनाकर कांग्रेस हुई हमलावर, भोपाल तक पहुंचा मामला, हकीकत सामने आई तो दिखी बैकफुट पर

MP Election 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को सभी सीटों पर चुनाव हुआ था। जिसकी मतगणना 3 दिसंबर 2023 को किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश में परिवर्तन की लहर को जीत मान बैठी कांग्रेस में लगता है कि कन्फ्यूजन जैसी स्थिति हो गई है। जिसकी बानगी सोमवार 27 नवंबर को बालाघाट तहसील कार्यालय में पोस्टल बैलेट की विधानसभा वार छंटनी और इटीबीपीएस को जमा करने की प्रक्रिया को कांग्रेस संगठन के प्रतिनिधियों ने बैलेट पेपर की गिनती समझ ली। हालांकि बाद में बालाघाट आरओ एवं एसडीएम गोपाल सोनी द्वारा कांग्रेस संगठन मंत्री शफकत खान और नेता प्रतिपक्ष योगराज कारो लिल्हारे को निर्वाचन आयोग की निर्देशानुसार की जा रही प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। तब कहीं जाकर वो संतुष्ट नजर आए। इस दौरान कांग्रेस उम्मीदवार अनुभा मुंजारे भी अस्थायी बैलेट पेपर स्ट्रांग रूम पहुंच चुकी थी।  लेकिन तब तक अस्थायी स्ट्रांग रूम का 2 मिनट 13 सेकंड का एक वीडियो कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कवर कर उसे वायरल कर दिया। जिसकी गूंज राजधानी भोपाल तक पहुंच गई। वहीं कांग्रेस ने इस मामले में ज्ञापन लिखकर निर्वाचन आयोग से कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निलंबन की मांग की। वहीं इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दिखाई दी। हालांकि बाद में कांग्रेस पदाधिकारियों की संतुष्टी और प्रशासनिक अधिकारी की वस्तुस्थिति को लेकर रखी गई बात से यह वीडियो फेक साबित हो गया।

Congress

congress

अस्थायी स्ट्रांग रूम के बारे में निर्वाचन आयोग को दी गई है जानकारी

इस मामले में प्रशासन ने एक समाचार भी जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि विधानसभा निर्वाचन के तहत स्थानीय तहसील कार्यालय बालाघाट में डाक मत पत्रों का अस्थायी स्ट्रांग रूम बनाया गया है। जिसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भी दी गई है। इस बीच एक वीडियो वायरल कर यह बताने के प्रयास किये जा रहे है कि डाक मत पत्रों का स्ट्रांग रूम खोलकर मतों की गणना की जा रही है।

रिटर्निंग अधिकारी गोपाल सोनी ने वायरल वीडियो को लेकर दी जानकारी

रिटर्निग अधिकारी गोपाल सोनी ने वायरल वीडियो के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि ऐसा कोई कार्य स्ट्रांग रूम खोलकर नहीं किया जा रहा है। निर्वाचन की प्रक्रिया के अनुसार प्रतिदिन प्राप्त होने वाले इटीबीपीएस को दोपहर 3 बजे स्ट्रांग रूम खोलकर रखा जाता है। जो अभ्यर्थी और राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया है। सोमवार को जब अस्थायी स्ट्रांग रूम खोला गया तब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में सुविधा केंद्र से प्राप्त डाक मत पत्रों को विधानसभा वार छंटाई की जा रही थी। इस कार्य को करते समय किसी के द्वारा वीडियो बनाकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। इसके साथ ही रिटर्निंग अधिकारी ने कहा है कि यदि ऐसा कृत्य किया जाता है तो धारा-188 के तहत कार्यवाही की जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से अस्थायी स्ट्रांग रूम में चार गार्ड के साथ अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। यह काम पूरी पारदर्शिता के साथ आयोग के निर्देशानुसार किया जा रहा है।

कांग्रेस संगठन मंत्री शफकत खान के कही यह बात

इस मामले में कांग्रेस संगठन मंत्री शफकत खान ने कहा कि 3 बजे जब स्ट्रांग रूम खोलकर पोस्टल बैलेट के बंडल बनाए जा रहे थे तो हमारे कार्यालय को गिनती की खबर मिली। हालांकि पार्टी का एक आदमी यहां था। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 50-50 बैलेट पेपर के बंडल बनाए जा रहे है। बंडल और गिनती के कन्फ्यूजन को यहां मौजूद जिम्मेदार क्लियर नहीं कर रहे थे। जिसके बाद हमने कलेक्टर साहब और एसडीएम साहब से चर्चा की। जिन्होंने जो जवाब दिया उससे हम संतुष्ट हैं।

बालाघाट से सुनील कोरे की रिपोर्ट

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Shashank Baranwal
लेखक के बारे में
पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ। View all posts by Shashank Baranwal
Follow Us :GoogleNews