गुरुग्राम के एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिलाओं को लेकर की गई विवादित टिप्पणी अब कानूनी और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। दरअसल कॉमेडियन प्रणीत मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा की सार्वजनिक माफी के बावजूद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामला बंद करने से इनकार कर दिया है। आयोग ने साफ कहा है कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और आरोपियों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
दरअसल गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में एक डेटिंग अनुभव साझा करते हुए की गई टिप्पणी को कई लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया। विवाद बढ़ने पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया और हरियाणा पुलिस से रिपोर्ट मांगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपना रुख किया साफ
वहीं सोमवार को गुरुग्राम पुलिस दोनों प्रमुख आरोपियों को लेकर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय पहुंची। सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर महिलाओं को नीचा दिखाने वाली सामग्री को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। आयोग ने संकेत दिए कि मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर तय होगी।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल पूरा मामला 12 अप्रैल को गुरुग्राम में आयोजित एक लाइव कॉमेडी शो से जुड़ा है। शो के दौरान दर्शकों के साथ बातचीत में वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने अपने कथित डेटिंग अनुभव का जिक्र किया। बातचीत के दौरान उन्होंने एक महिला को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिस पर मंच पर मौजूद कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने भी प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। वहीं विवाद बढ़ने के बाद कई सामाजिक संगठनों और इंटरनेट यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में हस्तक्षेप किया।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सख्ती
वहीं गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-2 थाने में एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू हुई। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा क्या होनी चाहिए। दरअसल विवाद के बाद दोनों आरोपियों ने अलग-अलग वीडियो जारी कर माफी मांगी। प्रणीत मोरे ने स्वीकार किया कि वह माहौल में बह गए थे और उन्हें उस समय आपत्ति दर्ज करनी चाहिए थी। वहीं हिमांशु जांगड़ा ने कहा कि उन्होंने शो में जो कहानी सुनाई थी, वह पूरी तरह वास्तविक नहीं थी और मनोरंजन के लिए कुछ बातें बढ़ा-चढ़ाकर कही गई थीं। उन्होंने इस्तेमाल किए गए शब्दों पर खेद भी जताया।
हालांकि राष्ट्रीय महिला आयोग ने केवल माफी को पर्याप्त नहीं माना। आयोग का कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों का सामाजिक असर होता है और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है। इस बीच हिमांशु जांगड़ा की कंपनी ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से हटा दिया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार की अपमानजनक सोच या व्यवहार का समर्थन नहीं करती।






