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53वां दिल्ली पुस्तक मेला: राजधानी में किताबों का महाकुंभ शुरू, 18 जनवरी तक चलेगा बुक फेयर, इस बार फ्री एंट्री

Written by:Shruty Kushwaha
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दिल्ली में एक बार फिर किताबों की खुशबू फैल गई है। इस सर्द मौसम में आप किताबों की रोशनी, शब्दों की गर्माहट और विचारों की दुनिया में खो सकते हैं। राजधानी में शुरू पुस्तक मेले में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, यानी किताबों की दुनिया में कदम रखने के लिए किसी टिकट की ज़रूरत नहीं है। पुस्तक मेला सिर्फ किताबें खरीदने की जगह नहीं, बल्कि नए विचारों को जानने, लेखकों से संवाद करने और शब्दों के सहारे नई दुनिया की यात्रा करने का भी सुनहरा मौका है
53वां दिल्ली पुस्तक मेला: राजधानी में किताबों का महाकुंभ शुरू, 18 जनवरी तक चलेगा बुक फेयर, इस बार फ्री एंट्री

Book Fair

आज से दिल्ली में किताबों का जश्न शुरु हो गया है। पुस्तक प्रेमी जिसका सालभर इंतज़ार करते हैं..वो ‘पुस्तक मेला’ राजधानी दिल्ली में सज चुका है। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित दिल्ली पुस्तक मेला का 53वां संस्करण आज 10 जनवरी से शुरू हो गया है। यह मेला 18 जनवरी तक चलेगा और इस बार प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।

हर साल की तरह इस बार भी ‘पुस्तक मेला’ में किताब प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। अनुमानि आंकड़ा बीस लाख लोगों के पहुंचने का है। आयोजकों के अनुसार यह दुनिया का सबसे बड़ा B2C (बिजनेस टू कंज्यूमर) पुस्तक मेला है। यहां 35 से अधिक  देशों के 1000 से अधिक प्रकाशक भाग ले रहे हैं।

दिल्ली पुस्तक मेला का आगाज़

अगर आपको भी किताबों से प्यार है तो दिल्ली आपकी राह देख रही है। राजधानी में बहुप्रतीक्षित ‘पुस्तक मेला’ आज से शुरु हो गया है। अगर आप भी बुक फेयर में जाना चाहते हैं तो आपको भारत मंडपम (प्रगति मैदान) पहुंचना होगा? यहां दस जनवरी से लेकर अठारह जनवरी तक रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक किताबों का मेला सजेगा। 35 से अधिक देशों के 1000 से ज्यादा प्रकाशक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लगभग 3,000 स्टॉल्स पर आपको दुनिया के विभिन्न विषयों की किताबें मिल जाएंगीं। इसी के साथ यहां 600 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जो साहित्य सहित कई विषयों पर आधारित होंगे। इसमें 1000 से अधिक वक्ता, शोधकर्ता, साहित्यकार और विषय विशेषज्ञ भाग लेंगे।

आप भी कीजिए किताबों की दुनिया की सैर

कहते हैं किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। वो हमें कभी अकेला नहीं छोड़तीं, न कभी जज करती हैं, न कभी पीठ दिखाती हैं। किताबें हमेशा साथ रहती हैं और हमें ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करती हैं। आपने भी महसूस किया होगा किसी नई किताब की खुशबू को। हम जब हाथ में किसी किताब को लेते हैं तो उसके पन्नों के साथ हमारे सामने एक नई दुनिया का दरवाजा भी खुलता है। हम किताबों के ज़रिए दुनियाभर की सैर कर सकते हैं। किताबें हर दौर में हमारी बेहतरीन साथी रही हैं। कभी इतिहास के पन्नों से हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं तो कभी विज्ञान और कल्पना के जरिए भविष्य की राह दिखाती हैं। इसी के साथ किताब मेले में आप अपने पसंदीदा लेखक से भी मिल सकते हैं। यहां वो दोस्त भी टकरा सकते हैं जिनसे अरसे से कोई राब्ता न हुआ हो। इस बार पुस्तक मेले में बीस लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है और इस साल तो न कोई टिकट लेना होगा न पास की ज़रूरत है। तो आपके पास भी एक सुनहरा मौका है किताबों की दुनिया की सैर करने का। अगर आप भी दिल्ली या आसपास हैं तो थोड़ा समय निकालिए और इस पुस्तक मेले की रौनक का हिस्सा बन जाइए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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