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इस बार दिवाली केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात लेकर आ सकती है। चर्चा है कि अक्टूबर में केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों को 2 तोहफे दे सकती है। इसमें पहला महंगाई भत्ता वृद्धि और दूसरा 8वें वेतन आयोग का गठन शामिल है।मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिवाली से पहले होने वाली मोदी कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है और अक्टूबर की सैलरी में इसका लाभ दिया जा सकता है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 60 लाख से अधिक पेंशनभोगी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संबंध में भी ऐलान किया जा सकता है।
दिवाली से पहले बढ़ेगा केन्द्रीय कर्मचारियों का 3% महंगाई भत्ता
- केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई की दर को देखते हुए हर साल 2 बार जनवरी और जुलाई में केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों के महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते है।
- जनवरी 2025 से 2 फीसदी डीए बढ़ाया गया था और अब जुलाई 2025 से 3% डीए बढ़ने की उम्मीद है, ऐसे में डीए के 55% से बढ़कर 58% होने का अनुमान है। चूंकि यह बढ़ोतरी जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी ऐसे में अक्टूबर की सैलरी व पेंशन के साथ जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर भी मिलेगा। यह अनुमान जनवरी से जून तक आंकड़े CPI-IW औसत अंक 146.3 और डीए स्कोर 58.18% से लगाया गया है। संभावना है कि दिवाली से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक में केन्द्र की मोदी सरकार डीए की नई दरों का ऐलान कर सकती है, यहां से मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग के आदेश जारी किए जाएंगे ।
- अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 58 फीसदी डीए होने पर 10,440 रुपये सालाना का लाभ होगा। अगर किसी की मूल पेंशन 20,000 रुपये है, तो लगभग 600 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
दिवाली से पहले मिल सकती है 8वें वेतन आयोग पर अपडेट
- 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, ऐसे में देश के 1 करोड़ से अधिक केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतज़ार हैं। संभावना है कि दिवाली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार 8वां वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया को शुरू कर सकती है और इस संबंध में टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) और चेयरपर्सन या सदस्यों की घोषणा कर सकती है। अगस्त में केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन) डॉ. जितेंद्र सिंह ने गवर्नमेंट एम्प्लॉइज नेशनल कन्फेडरेशन (GENC) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी और इस संबंध में चर्चा की थी।
- आमतौर पर आयोग की गठन की पूरी प्रक्रिया में 12 से 15 महीने का समय लगता है, लेकिन इसे 8-10 महीनों में पूरा कर 2027 से पहले इसे लागू किया जा सकता है। इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच तय हो सकता है।8वें वेतन आयोग लागू होते ही सैलरी पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 8वां वेतन आयोग लागू होने पर मौजूदा न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 21,600 रुपये (फिटमेंट फैक्टर 1.83 होने पर) से 51,480 रुपये (फिटमेंट फैक्टर 2.86 होने पर) तक हो सकता है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

