केंद्र सरकार द्वारा साल में दो बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। नई दरें जनवरी और जुलाई से लागू की जाती हैं। यह दरें अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करती हैं।
यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं। अबतक के पैटर्न के अनुसार, नई दरों का ऐलान मार्च से अप्रैल और अक्टूबर से नवंबर के बीच किया जाता है। पिछले साल 2025 में 5% (जनवरी व जुलाई) महंगाई भत्ता बढ़ा था और अब जनवरी 2026 से फिर महंगाई भत्ता बढ़ाया जाना है। इस बार महंगाई भत्ते की दरों में 2% से 3% की वृद्धि होने की संभावना है। जिसका ऐलान होली के आसपास होने की उम्मीद है।
क्या 58 % से बढ़कर 60% पहुंचेगा महंगाई भत्ता?
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 58% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। इस बार जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% (2% वृद्धि होने पर) या 61% (3% वृद्धि होने पर) तक पहुंचने की संभावना है। यह अनुमान श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जुलाई से दिसंबर 2025 तक के औद्योगिक श्रमिकों के लिए जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों से लगाया गया है। चुंकी अब श्रम मंत्रालय ने छमाही आंकड़े जारी कर दिए हैं, तो अब वित्त विभाग महंगाई भत्ता वृद्धि का प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय कैबिनेट को मंजूरी के लिए भेजेगा। अबतक के पैटर्न के अनुसार, नई दरों का ऐलान मार्च से अप्रैल के बीच किया जाता है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि होली 2026 के बाद केंद्र सरकार नई दरों का ऐलान कर सकती है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक फैसले या अधिसूचना के बाद ही मान्य होगा। कर्मचारियों को जनवरी से लेकर घोषणा होने तक का अंतर एरियर के तौर पर दिया जाएगा।
जुलाई से दिसंबर 2025 तक के AICPI-IW
जुलाई: 146.5 (+1.5)
अगस्त: 147.1 (+0.6)
सितंबर: 147.3 (+0.2)
अक्टूबर: 147.7 (+0.4)
नवंबर: 148.2 (+0.5)
दिसंबर: 148.2 (0)
आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं।
- यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
नोट: यह वृद्धि 7वें वेतन आयोग के तहत ही की जाएगी, क्योंकि अभी तक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं हुआ है। हालांकि 7वें वेतन आय़ोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू किया जाना प्रस्तावित है।





