भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में आज प्रधानमंत्री मोदी शामिल हुए, उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक ए आई इम्पेक्ट समिट में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। उन्होंने कहा ये समिट जिस भारत में हो रही है, वो भारत One Sixth of humanity को represent करता है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े Tech talent pool का केंद्र है। सबसे बड़े Tech enabled ecosystem का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने कहा दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का representation, दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इस summit की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें young generation की जो उपस्थिति हमने देखी है, वो एक नया विश्वास पैदा करती है।
पीएम ने कहा आज मशीन लर्निंग (Machine Learning से लर्निंग मशीन (Learning Machine) तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए, हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है।वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे। इसलिए, आज असली प्रश्न ये नहीं है कि भविष्य में AI क्या कर सकती है। प्रश्न ये है कि वर्तमान में हम Artificial Intelligence के साथ क्या करते हैं।
मोदी ने बताया समिट का मूल उद्देश्य
मोदी ने कहा AI को मशीन केन्द्रित (Machine Centric) से मानव केन्द्रित (Human Centric) कैसे बनाएं, संवेदनशील और उत्तरदायी कैसे बनाएं, यही इस Global AI Impact Summit का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा भारत AI को किस दृष्टि से देखता है उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस समिट की थीम में है जो है सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय। यही हमारा बेंचमार्क है। AI के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट न बन जाए, इंसान सिर्फ कच्चा माल (raw material) तक सीमित न रह जाए। इसलिए AI को लोकतांत्रिक (democratized) करना होगा। इसे (समावेशी) Inclusion और सशक्तिकरण (Empowerment) का माध्यम बनाना होगा।
AI को लेकर दुनिया में दो तरह के लोग
पीएम ने कहा आज दुनिया में दो तरह के लोग हैं। एक वो जिन्हें AI में भय दिखता है और दूसरे वो जिन्हें AI में भाग्य दिखता है। मैं गर्व और जिम्मेदारी से कहता हूं कि हमें भय नहीं, भारत को AI में भाग्य दिखता है, भारत को AI में भविष्य दिखता है। हमारे पास टेलेंट भी है, ऊर्जा क्षमता (Energy capacity) भी है और स्पष्ट नीति (policy clarity) भी है। मुझे आपको ये बताते हुए खुशी भी है कि इस समिट में 3 भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल्स और Apps लॉन्च किए हैं। ये मॉडल्स हमारे यूथ के टेलेंट को दिखाते हैं और भारत जो सोल्यूशन दे रहा है, उसकी depth और diversity का भी प्रतिबिंब हैं।
पीएम ने प्रस्तुत किया MANAV विजन
मोदी ने कहा मैं आज आपके सामने मैं एआई के लिए मानव दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहा हूँ। मानव का अर्थ है मानवीय। उन्होंने कहा मानव में M नैतिक और नीतिपरक प्रणालियों को दर्शाता है, A जवाबदेह शासन को दर्शाता है, N राष्ट्रीय संप्रभुता को दर्शाता है, A सुलभ और समावेशी को दर्शाता है और V वैध और न्यायसंगत को दर्शाता है।
मोदी ने जताया ये विश्वास
प्रधानमंत्री ने कहा मुझे विश्वास है कि यह समिट एक मानव-केंद्रित, संवेदनशील वैश्विक एआई इकोसिस्टम ( human centric, sensitive global AI ecosystem) के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। हम इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि इंसान ने हर disruption को एक नए अवसर में बदला है। आज हमारे सामने फिर ऐसा ही अवसर आया है। हमें मिलकर इस disruption को मानवता के सबसे बड़े अवसर के रूप में बदल देना है।






