तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने लोकलुभावन वादों की झड़ी लगाते हुए समाज के हर वर्ग, खासकर महिलाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग को साधने की एक बड़ी कोशिश की है। पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पडी पलानीस्वामी द्वारा जारी इस घोषणापत्र में कुल 297 वादे किए गए हैं।
घोषणापत्र का सबसे बड़ा आकर्षण हर परिवार को 10,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता का वादा है। पार्टी का कहना है कि यह कदम टैक्स और बढ़ती महंगाई के बोझ को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा, महिलाओं को केंद्रित करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जो चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।
महिलाओं और परिवारों के लिए बड़े ऐलान
AIADMK ने अपने घोषणापत्र में घरेलू खर्चों को कम करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया है। पार्टी ने वादा किया है कि चावल राशन कार्ड रखने वाले हर परिवार की महिला मुखिया को एक मुफ्त फ्रिज दिया जाएगा। इसके साथ ही, हर परिवार को साल में तीन गैस सिलेंडर भी मुफ्त मिलेंगे।
अन्य प्रमुख वादों में शामिल हैं:
- महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता।
- कामकाजी महिलाओं को अम्मा स्कूटर योजना के तहत 25,000 रुपये की सब्सिडी।
- राशन में चावल के साथ 1 किलो दाल और 1 लीटर कुकिंग ऑयल मुफ्त।
युवाओं और अन्य वर्गों के लिए भी घोषणाएं
पार्टी ने सिर्फ महिलाओं ही नहीं, बल्कि युवाओं, बुजुर्गों और बेरोजगारों का भी ध्यान रखा है। घोषणापत्र में युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए 25 लाख रुपये तक का लोन देने का वादा किया गया है। वहीं, बेरोजगार स्नातकों को 2,000 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा।
कुछ अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं इस प्रकार हैं:
- बुजुर्गों की पेंशन को बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह करना।
- बेघर परिवारों को अम्मा फ्री हाउस योजना के तहत पक्का मकान देना।
- ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन करना।
- रोजगार में तमिलों को प्राथमिकता देने के लिए एक नया कानून बनाना।
- शहरों में अब पुरुषों के लिए भी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा।
- राज्य में शराब की दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बंद करना।
पार्टी महासचिव पलानीस्वामी ने कहा कि यह घोषणापत्र समाज के सभी वर्गों से मिले सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य महंगाई और बेरोजगारी से राहत दिलाना है। इन घोषणाओं के जरिए AIADMK ने चुनाव से पहले एक बड़ा दांव खेला है, जिसका असर मतदान पर देखने को मिल सकता है।





