NCP नेता ने IPS अधिकारी के दस्तावेजों पर उठाए सवाल; विवाद होने पर ट्वीट लिया वापस, मांगी भी माफी

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अजीत पवार को आलोचना का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा हस्तक्षेप करने का नहीं था, बल्कि वे तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे थे।
NCP नेता ने IPS अधिकारी के दस्तावेजों पर उठाए सवाल; विवाद होने पर ट्वीट लिया वापस, मांगी भी माफी

एनसीपी के विधान परिषद सदस्य अमोल मिटकरी ने आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा के शैक्षिक और जाति प्रमाणपत्रों पर सवाल उठाने वाले अपने ट्वीट को वापस ले लिया है और इसके लिए माफी मांगी है। मिटकरी ने अपने ट्वीट में दावा किया था कि उन्होंने अंजना कृष्णा के यूपीएससी परीक्षा पास करने के आधारभूत दस्तावेजों की जानकारी यूपीएससी से मांगी थी। इस बयान के बाद उनकी आलोचना हुई, विशेष रूप से एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और कांग्रेस नेता यशोमति ठाकुर ने उन्हें महिला पुलिस अधिकारी को निशाना बनाने के लिए फटकार लगाई।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष अजीत पवार ने कर्माला की उप-विभागीय पुलिस अधिकारी अंजना कृष्णा को फोन पर फटकार लगाई और अवैध मिट्टी उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई रोकने को कहा। यह घटना 31 अगस्त को सोलापुर जिले के कापरे वस्ती में हुई, जब राजस्व विभाग के अधिकारी और अंजना कृष्णा अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इस दौरान एक स्थानीय एनसीपी कार्यकर्ता के फोन पर पवार ने पहले वॉयस कॉल और फिर वीडियो कॉल के जरिए कृष्णा से बात की और कथित तौर पर कड़े लहजे में कार्रवाई रोकने को कहा।

अजीत पवार की आलोचना

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अजीत पवार को आलोचना का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा हस्तक्षेप करने का नहीं था, बल्कि वे तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे पुलिस कार्रवाई में दखल नहीं देना चाहते थे। इस बीच, मिटकरी ने शनिवार को अपने बयान को वापस लेते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय थी, न कि उनकी पार्टी का रुख। उन्होंने पुलिस बल और ईमानदारी से सेवा करने वाले अधिकारियों के प्रति अपने सम्मान की बात दोहराई।

ट्वीट को वापस लेने की घोषणा

अमोल मिटकरी ने अपने ट्वीट को वापस लेने की घोषणा करते हुए सोलापुर घटना के संबंध में माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की स्थिति से पूरी तरह सहमत हूं।” इस घटना ने पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रभाव के बीच टकराव को उजागर किया है, जिसने महाराष्ट्र में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

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