गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम पर निशाना साधा, जिन्होंने पहलगाम हमले के आतंकवादियों को स्थानीय बताने और सरकार के पाकिस्तान से आए होने के दावे पर सबूत मांगने की बात कही थी। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। शाह ने चिदंबरम पर पाकिस्तान को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष को आतंकवादियों के मारे जाने पर खुशी होनी चाहिए थी, लेकिन वे नाराज दिख रहे हैं।

शाह ने अपने संबोधन में पुष्टि की कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के संयुक्त अभियान में सोमवार शाम को मारे गए तीन आतंकवादी पहलगाम हमले में शामिल थे। उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादियों के पास से पाकिस्तान निर्मित चॉकलेट और पाकिस्तानी सरकार के पहचान पत्र बरामद हुए। इसके अलावा, उनके पास से मिले हथियारों (एक अमेरिकी एम9 और रूसी एके-47 राइफलों) की बैलिस्टिक जांच में पुष्टि हुई कि इन्हीं का इस्तेमाल पहलगाम हमले में हुआ था।

फोरेंसिक विशेषज्ञों ने क्या बताया 

गृह मंत्री ने कहा कि छह फोरेंसिक विशेषज्ञों ने वीडियो कॉल पर उन्हें बताया कि हमले में इस्तेमाल गोलियां और बरामद हथियारों की गोलियां एक ही हैं। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वह आतंकवादियों की धार्मिक पहचान पर ध्यान देती है और पूछा, “क्या वे पाकिस्तान से बात करते हैं?” शाह ने पहलगाम हमले की निंदा की और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जहां आतंकवादियों ने लोगों की धार्मिक पहचान पूछकर उनके सामने ही हत्या की थी।

पाकिस्तान को डोजियर भेजने तक सीमित

अमित शाह ने कांग्रेस नीत यूपीए सरकारों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने 2005 से 2011 के बीच 27 आतंकी हमलों का सामना किया, लेकिन केवल पाकिस्तान को डोजियर भेजने तक सीमित रही। उन्होंने बीजेपी सांसदों के समर्थन में कांग्रेस को चुनौती दी और कहा कि विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार खो दिया है। शाह ने अपने भाषण में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की।