चार साल पहले हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड की जाँच सीबीआई कर रही है लेकिन अब राहुल गांधी ने इसपर सवाल उठाये हैं, अंकिता के माता पिता न्याय की आस लेकर इंडिया गेट पर धरना पर बैठे थे जहाँ राहुल गांधी ने कल बुधवार को उनसे मुलाकात की थी लेकिन गुरुवार तड़के पुलिस ने अंकिता के माता पिता को वहां से हटा दिया, अब राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए पत्र लिखा है, उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल बनाये गए दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर सरकार से पुनर्विचार करने की अपील की है।
राहुल गांधी ने लिखा- राष्ट्रपति महोदया, 19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था। अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
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“अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए”
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है। मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें। अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए। राहुल गांधी ने दो पेज का पत्र X पर पोस्ट किया है।
राहुल गांधी ने किया वादा – मैं और कांग्रेस पार्टी अंकिता के परिवार के साथ
आपको बता दें राहुल गांधी कल बुधवार को इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता पिता से मिले थे उन्होंने दोनों को ढाढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ है, राहुल गांधी ने X पर लिखा – चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला। जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है – उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती। आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, India Gate पर बैठे हैं। मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं – उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।
पुलिस ने सुबह 4 बजे अंकिता के माता पिता को इंडिया गेट से हटाया
इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता भंडारी के माता पिता को दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट से हटा दिया, राहुल गांधी ने इसपर ऐतराज जताया , उन्होंने X पर लिखा- सुबह के 4 बजे, जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया। उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे – बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए। कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी
राहुल गांधी ने कहा जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया। इस सरकार की पहचान यही है, पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो। पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी। कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी – जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।
