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“देश की शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के चंगुल में..” NEET पेपर लीक मामले में अरविंद केजरीवाल का हमला, सरकार के इस फैसले पर उठाए सवाल

Written by:Ankita Chourdia
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नीट-यूजी पेपर लीक से हुई किरकिरी के बाद अब केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को 'फौजी कवच' देने की तैयारी में है, वायुसेना भी तैनात होगी। अब इस मामले में केजरीवाल ने सरकार के इरादों पर सवाल उठाए हैं।
“देश की शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के चंगुल में..” NEET पेपर लीक मामले में अरविंद केजरीवाल का हमला, सरकार के इस फैसले पर उठाए सवाल

नीट-यूजी परीक्षा के बाद देश में मचे बवाल और पेपर लीक से हुई किरकिरी के बाद केंद्र सरकार अब अपनी परीक्षा प्रणाली को ‘फौजी कवच’ देने की तैयारी में जुट गई है। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई लगातार चूक के बाद सरकार किसी भी कीमत पर दूसरी गलती का जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी क्रम में, 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों की सुरक्षा का जिम्मा सेना के हवाले किया जा सकता है। यह एक अभूतपूर्व कदम है, जो परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बहाल करने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के विमानों का इस्तेमाल करने जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह रणनीति प्रश्नपत्रों की पारंपरिक ढुलाई और भंडारण व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों को दूर करने के लिए बनाई गई है, जिनका फायदा उठाकर संगठित गिरोहों ने पहले पेपर लीक की घटनाओं को अंजाम दिया था। अब सुरक्षा ढांचे को सैन्य अनुशासन और बहुस्तरीय निगरानी से जोड़ने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है।

केजरीवाल ने सरकार के इरादों पर उठाए सवाल

केंद्र सरकार के इन कड़े कदमों पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए सरकार के इरादों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायु सेना के जहाज इस्तेमाल किए जाएंगे। क्या इससे पेपर लीक रुकेगा? कैसे अनपढ़ों जैसी बात कर रही है हमारी सरकार? इनकी नीयत ही नहीं है पेपर लीक रोकने की। देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफिया के चंगुल में आ चुकी है। इसे ठीक करना है तो सबको मिलके कुछ करना होगा। अकेले किसी के कुछ करने से नहीं होगा।’ केजरीवाल ने सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए शिक्षा व्यवस्था को माफिया के चंगुल से निकालने के लिए सामूहिक प्रयास की वकालत की है।

रक्षा मंत्री के आवास पर हुई थी उच्चस्तरीय बैठक

सरकार की ओर से हो रही इस कवायद को गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक से बल मिला है। इस बैठक में परीक्षा प्रणाली के हर पहलू पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में पेपर सेटिंग से लेकर उसकी प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और अंततः परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति के पूरे नेटवर्क पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और शिक्षा मंत्रालय के चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शुरू कर दी है और वह किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। लगभग 40 मिनट तक चली इस बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि सरकार इस बार किसी भी कीमत पर दूसरी चूक का जोखिम नहीं उठाना चाहती।

यह नया सुरक्षा ढांचा परीक्षा की विश्वसनीयता को फिर से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि संगठित गिरोहों ने पिछली बार प्रश्नपत्रों की पारंपरिक ढुलाई और भंडारण व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाया था। इसी आशंका के चलते अब सैन्य अनुशासन और बहुस्तरीय निगरानी के साथ एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।

Ankita Chourdia
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