महाराष्ट्र के बारामती में हुए एक भीषण विमान हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक चार्टर विमान Learjet 45 लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस विमान की कमान एक बेहद अनुभवी पायलट, कैप्टन सुमित कपूर के हाथों में थी।
यह घटना उस वक्त हुई जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान विमान ने संतुलन खो दिया और यह हादसा हो गया। इस घटना ने महाराष्ट्र के राजनीतिक और विमानन जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, यह हादसा बारामती एयरपोर्ट पर उस वक्त हुआ जब VSR ऑपरेटर का Learjet 45 विमान लैंडिंग कर रहा था। शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान ने उतरते समय अपना संतुलन खो दिया और रनवे से फिसलकर क्रैश हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा।
विमान में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), एक अटेंडेंट और दो क्रू सदस्य सवार थे। चालक दल में पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर और एक फर्स्ट ऑफिसर शामिल थे।
कौन थे अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर?
इस दुर्भाग्यपूर्ण उड़ान के पायलट-इन-कमांड (PIC) कैप्टन सुमित कपूर थे, जो चार्टर एविएशन सेक्टर में एक जाना-माना नाम थे। उन्हें बिजनेस जेट उड़ाने में महारत हासिल थी और वे एक भरोसेमंद पायलट के रूप में पहचाने जाते थे। विमानन उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन कपूर अपने शांत स्वभाव, जिम्मेदारी और बेहतरीन कौशल के लिए जाने जाते थे।
उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे हर उड़ान से पहले सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते थे। उन्हें विभिन्न प्रकार के विमानों को उड़ाने का लंबा और गहरा अनुभव था, जो उन्हें इस क्षेत्र में एक कुशल पायलट बनाता था।
DGCA ने शुरू की जांच
हादसे की खबर मिलते ही बचाव दल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। DGCA ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में तकनीकी खराबी, खराब मौसम या मानवीय भूल समेत सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि हादसे के असल कारणों का पता चल सके।





