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UGC के नए नियमों पर बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम, कहा- ‘जाति-धर्म के नाम पर देश को बांटने की हो रही साजिश’

Written by:Banshika Sharma
Published:
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने UGC के नए नियमों पर प्रतिक्रिया देते हुए देश को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने पीएम मोदी से सामाजिक समरसता के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
UGC के नए नियमों पर बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम, कहा- ‘जाति-धर्म के नाम पर देश को बांटने की हो रही साजिश’

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर जारी विवाद के बीच कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक बड़ा बयान दिया है। बुधवार (28 जनवरी, 2026) को उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें देश को जाति, धर्म और वर्ग के नाम पर बांटकर कमजोर करने की साजिश कर रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज भारत को एकता और सामाजिक समरसता की सबसे ज्यादा जरूरत है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के श्यामनगर गांव में एक शोक सभा में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में देश के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की।

“वर्तमान समय में देश की एकता से बड़ा कोई और मुद्दा हो ही नहीं सकता है। जाति और धर्म के नाम पर भेदभाव किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।” — आचार्य प्रमोद कृष्णम

पीएम मोदी और केंद्र सरकार से अपील

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से देश की एकता को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “देश की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। जातियों के नाम पर समाज में फैले भेदभाव को समाप्त करना बेहद जरूरी है।” उन्होंने यह भी कहा कि समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर एक नागरिक की है।

शंकराचार्य विवाद पर भी बोले

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर भी आचार्य प्रमोद ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन को अधिक संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए था। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जो मुद्दा पहले प्रदेश स्तर तक सीमित था, वह अब राष्ट्रीय रूप ले चुका है, जो सनातन धर्म के लिए अच्छा नहीं है।

उन्होंने कहा, “कुछ शक्तियां जानबूझकर ऐसे मुद्दों को हवा दे रही हैं, ताकि सनातन परंपराओं को कमजोर किया जा सके और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो।” उन्होंने सभी संतों, धर्माचार्यों और जिम्मेदार लोगों से संयम और विवेक से काम लेने का आग्रह किया।

अजित पवार के निधन पर जताया दुख

बातचीत के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक दुखद हादसे में हुए निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे देश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।