पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा से पूर्व देश की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई है, इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की खुले तौर पर प्रशंसा की है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपनी-अपनी जीत के दावे प्रस्तुत कर रहे हैं। इस माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ममता बनर्जी के प्रति समर्थन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ हैंडल पर ममता बनर्जी की एक तस्वीर साझा करते हुए उनके नेतृत्व और चुनावी सामर्थ्य पर अपना दृढ़ विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट रूप से लिखा, ‘एक अकेली लड़ जाएगी, जीतेगी और बढ़ जाएगी।’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को सुदृढ़ करने तथा विपक्षी एकजुटता की संभावनाओं को तलाशने में जुटे हुए हैं। यह सीधे तौर पर ममता बनर्जी की व्यक्तिगत क्षमता और उनके चुनावी संघर्ष के प्रति अखिलेश यादव के भरोसे को दिखाता है।
एक अकेली लड़ जाएगी
जीतेगी और बढ़ जाएगी! pic.twitter.com/7zYfMH9xBR— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 2, 2026
पहले भी कर चुके हैं तारीफ
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने इससे पहले भी ममता बनर्जी के समर्थन में अपनी बात रखी है। पूर्व में उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक अन्य पोस्ट साझा करते हुए कहा था, ‘दिलों को जीतकर जीत रहीं हैं दीदी… पश्चिम बंगाल की सौहार्द प्रिय जनता ने जिस तरह भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति को हराने के लिए जमकर वोट किया है, वो सराहनीय है। दीदी और बंगाल को संविधान और लोकतंत्र बचाने की मुहिम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने के लिए बधाई! भाजपा की साज़िशें हारेंगी।’ यह लगातार समर्थन दोनों नेताओं के बीच एक साझा राजनीतिक दृष्टिकोण और भाजपा विरोधी मोर्चे को मजबूत करने की इच्छा को दिखाती है।
एग्जिट पोल्स की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए
इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के उपरांत जारी किए गए एग्जिट पोल्स को लेकर भी अखिलेश यादव ने अपनी स्पष्ट राय प्रस्तुत की। उन्होंने इन एग्जिट पोल्स की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि इन पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता है। अखिलेश यादव ने यह भी स्मरण दिलाया कि अतीत में भी कई अवसरों पर एग्जिट पोल्स के अनुमान गलत सिद्ध हुए हैं, जिससे इन आंकड़ों को अंतिम सत्य मानना तर्कसंगत नहीं होगा।






