1 लाख पेंशनरों के लिए ताजा अपडेट, फिर शुरू हुई ये सुविधा, इस तरह मिलेगा लाभ

government employees pensioners

demo pic

देहरादून, डेस्क रिपोर्ट। उत्तराखंड के पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए राहत भरी खबर है। इसके तहत उत्तराखंड के पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए राहत भरी खबर है। आयुष्मान योजना में राज्य स्वास्थ्य स्कीम के तहत 1 अक्टूबर 2022 से एक बार फिर कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। इसमें पेंशनर्स गोल्डन कार्ड पर योजना में असीमित खर्चे पर किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करवा सकेंगे।

यह भी पढ़े..UP Weather: सुपर चक्रवात ‘नोरु‘ का दिखेगा असर, 2 दिन बाद बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश के आसार, जानें विभाग का पूर्वानुमान

योजना में सूचीबद्ध प्रदेश व देश के किसी भी बड़े अस्पताल में असीमित खर्चे पर इलाज की सुविधा दी गई है,लेकिन इसके एवज में कर्मचारियों व पेंशनरों से प्रतिमाह अंशदान लिया जाता है। इसके लिए अक्तूबर में मिलने वाली पेंशन से पिछले 9 माह के अंशदान की कटौती की जाएगी,ऐसे में पेंशनरों को अक्तूबर में मिलने वाली पेंशन से जनवरी 2022 से सितंबर तक के अंशदान की कटौती की जाएगी।इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने दिसंबर 2021 में पेंशनरों से अंशदान की कटौती बंद कर दी थी।

इसमें वेतन लेवल-1 से 5 में अंशदान प्रति माह 250 रुपये, वेतन लेवल- 6 में 450 रुपये वेतन लेवल- 7 से 11 में 650 रुपये और वेतन लेवल- 12 में 1000 रुपये होगी ।इस योजना के तहत  राज्य स्वास्थ्य स्कीम के तहत प्रदेश के 4.75 लाख कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिन पेंशनरों के अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं।

यह भी पढ़े..सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए बड़ी खबर, राज्य सरकार ने जारी किया ये आदेश, 2 अक्टूबर से लागू, करना होगा पालन

खास बात ये है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के 16800 पेंशनरों ने आयुष्मान योजना से बाहर होने का विकल्प दिया है।इन 16800 पेंशनरों पर अब पूर्व की व्यवस्था लागू होगी और इन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जाएगी।इसके तहत इलाज के बिल संबंधित विभाग को देने होंगे, जिसके बाद विभाग पास कर शासन को भेजेगा और फिर चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जाएगी।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews