Hindi News

BIMSTEC में पीएम मोदी ने की सेवन सिस्टर्स, 21 पॉइंट एक्शन प्लान, और UPI की बात, क्यों भारत के लिए महत्वपूर्ण है यह ग्रुप, पढ़ें

Written by:Ronak Namdev
Last Updated:
थाईलैंड के बैंकॉक में BIMSTEC समिट चल रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस से बातचीत भी की। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा कई बड़ी बातें समिट में रखी गईं। प्रधानमंत्री ने आपसी सहयोग पर जोर देने और आपसी संबंधों को मजबूत करने की बात कही।
BIMSTEC में पीएम मोदी ने की सेवन सिस्टर्स, 21 पॉइंट एक्शन प्लान, और UPI की बात, क्यों भारत के लिए महत्वपूर्ण है यह ग्रुप, पढ़ें

1997 में BIMSTEC की स्थापना हुई थी, लेकिन साल 2016 के बाद बिम्सटेक को असल गति मिली। इसका कारण था नरेंद्र मोदी की सरकार। भारत में जैसे ही 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार आई, इसके बाद फॉरेन रिलेशंस पर ज्यादा फोकस किया गया। ऐसे में BIMSTEC को पुनर्जीवित करने में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहम भूमिका निभाई। भारत के नेतृत्व में इसे नया रूप मिला। बता दें कि इस समय थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया है, जिसमें भारत समेत सात देशों के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दिया। ऐसे में BIMSTEC मंच को उसके लिए उपयोगी माना और कई ठोस कदम उठाए। प्रधानमंत्री ने 2016 में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान गोवा में BIMSTEC नेताओं की एक बैठक आयोजित की थी। इस दौरान ही उन्होंने BIMSTEC को और मजबूत करने का संकल्प भी लिया था।

भारत ने ही किया BIMSTEC को पुनर्जीवित

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BIMSTEC को नई गति देने के लिए यूपीआई को इसके सदस्य देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। दरअसल, इस कदम का मकसद क्षेत्र में व्यापार, कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा देना है। एक तरफ भारत और बांग्लादेश में तनाव बढ़ रहा है, तो वहीं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिम्सटेक सम्मेलन में बांग्लादेश को शुभकामनाएं दी हैं। बता दें कि बिम्सटेक का अगला मेजबान देश बांग्लादेश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिम्सटेक देशों के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए सांस्कृतिक, शैक्षिक और कूटनीतिक पहलुओं पर ध्यान दिया। उन्होंने कई अहम घोषणाएं कीं, जिसमें भारत में वन अनुसंधान संस्थान में बिम्सटेक छात्रों के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करना और नालंदा विश्वविद्यालय में स्कॉलरशिप योजना का विस्तार करना भी शामिल है।

21-सूत्रीय कार्ययोजना का अभियान

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में 21-सूत्रीय कार्ययोजना का अभियान प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य बिम्सटेक देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना है। यह योजनाएं आर्थिक विकास, डिजिटल परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवा विकास को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिम्सटेक देशों के बीच आपसी व्यापार को बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा।

भारत के लिए क्यों जरूरी है BIMSTEC?

अब समझा जाए कि भारत के लिए बिम्सटेक क्यों जरूरी है। दरअसल, नरेंद्र मोदी की जब 2014 में सरकार आई थी, तो इसके छह महीने बाद प्रधानमंत्री काठमांडू में सार्क समिति में शामिल होने पहुंचे थे। इस समिट में भारत का जोर रेल और मोटर व्हीकल एग्रीमेंट लाने पर था, लेकिन इसमें पाकिस्तान सरकार ने अड़चन डाली। इसके अलावा, पाकिस्तान की सरकार ने सार्क में ऑब्जर्वर कंट्री चीन के सड़क परियोजनाओं को पेश करने की वकालत की, जिसके चलते प्रधानमंत्री मोदी नाराज हुए और उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से आधिकारिक मुलाकात भी नहीं की। बाद में 2016 में उरी अटैक के बाद भारत ने सार्क समिति में शामिल होने से इनकार कर दिया। ऐसे में सार्क का विकल्प छोड़कर अब भारत के लिए बिम्सटेक बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Ronak Namdev
लेखक के बारे में
मैं रौनक नामदेव, एक लेखक जो अपनी कलम से विचारों को साकार करता है। मुझे लगता है कि शब्दों में वो जादू है जो समाज को बदल सकता है, और यही मेरा मकसद है - सही बात को सही ढंग से लोगों तक पहुँचाना। मैंने अपनी शिक्षा DCA, BCA और MCA मे पुर्ण की है, तो तकनीक मेरा आधार है और लेखन मेरा जुनून हैं । मेरे लिए हर कहानी, हर विचार एक मौका है दुनिया को कुछ नया देने का । View all posts by Ronak Namdev
Follow Us :GoogleNews