तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भगवान शिव और भगवान राम को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा भड़क गई है, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता , राज्यसभा सदस्य डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- कांग्रेस हिंदू समाज को दक्षिण और उत्तर में विभाजित करना चाहती है, वहीं तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी प्रांत और महिला-पुरुष के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं।
कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भगवान शिव और भगवान राम के विषय में दिए गए एक विवादित बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताई है, डॉ त्रिवेदी ने कहा राहुल गांधी को नास्तिक कहते हुए अपने वक्तव्य की शुरुआत की , उन्होंने दावा किया- 2014 के चुनाव में ईश्वर के नाम की शपथ लेने वाले राहुल गांधी ने 2024 में ईश्वर के नाम की शपथ नहीं ली, बल्कि अंग्रेजी में शपथ ली, जिसमें ईश्वर का जिक्र नहीं था।
ये भी पढ़ें
रेवंत रेड्डी के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार
उन्होंने कहा राहुल गांधी की पार्टी के नेता तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद के जुबली हिल उप चुनाव में कांग्रेस के दिल का उद्घोष करते हुए कहा कि कांग्रेस मतलब मुसलमान, मुसलमान मतलब कांग्रेस, कांग्रेस की ताकत मुसलमान , मुसलमान की ताकत कांग्रेस, वो पूरी ताकत से हिन्दू समाज को विभाजित करने के हर षड्यंत्र में है और ये कांग्रेस हिन्दू समाज को दक्षिण और उत्तर में विभाजित करना चाहती है जबकि तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी प्रांत और महिला-पुरुष के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं।
‘Smash the Patriarchy’ पर BJP का तंज
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के ‘Smash the Patriarchy’ पर भी तंज कसते हुए कहा कि ‘Smash the Patriarchy’ सिर्फ हिंदू समाज के लिए है और जैसे ही केरल का ग्रैंड मुफ्ती बोल देता है कि महिलाओं को तो तिजोरी में रखना चाहिए, ‘Smash the Patriarchy’ पर दहाड़ने-चिंघाड़ने वाले कांग्रेस के नेताओं के मुंह में दही जम जाती है।
भगवान को विभजित करना राजनीति का सबसे निकृष्टतम उदाहरण
डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा भाषा , प्रान्त, जाति, महिला, पुरुष में विभाजन का प्रयास करने वाले लोग अब भगवानों को विभाजित करने की सीमा में तक आ गए हैं मुझे लगता है कि भारत में राजनीति करने के सबसे निकृष्टतम उदाहरणों में से एक है इसलिए मैं कांग्रेस के लिए कहना चाहूँगा – “अंग्रेजों ने हमको बांटा फिर भी अपने देश की खातिर इन्होने हर परिवेश को बांटा कुर्सी के उद्देश्य की खातिर”