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CG Cabinet Decision: अतिथि व्याख्याता नीति में बदलाव, पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम तय, पढ़ें छत्तीसगढ़ कैबिनेट के फैसले

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 3 बड़े फैसले: अतिथि व्याख्याता नीति में बदलाव, फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने के आदेश का अनुसमर्थन, अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम मंजूर
CM Vishnu Deo Sai

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार, 30 सितंबर को मंत्रालय (महानदी भवन) में कैबिनेट की अहम बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में फिल्म ‘हनुमान अंश’को टैक्स फ्री करने के अलावा अतिथि व्याख्याताओं (गेस्ट लेक्चरर्स) और पूर्व अग्निवीरों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं।

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश के लिए देय राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।

 पूर्वअग्निवीर सैनिकों के लिए भी अहम फैसला

कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका कैबिनेट सदस्यों द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में बदलाव

  • कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी संशोधित नीति-2026 का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया।
  • संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के 2 अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।
  • अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था।
  • कैबिनेट द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए।
  • अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है।
Pooja Khodani
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