भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखते हुए एक प्रगति रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें सक्रियता के आधार पर सांसदों को तीन श्रेणियों (सक्रिय, कम सक्रिय और निष्क्रिय) में बांटा गया है। इस रिपोर्ट में फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर सांसदों की गतिविधियों का आकलन किया गया। जिन सांसदों ने सोशल मीडिया पर कम या कोई गतिविधि नहीं दिखाई, उन्हें रेड मार्क के साथ निष्क्रिय श्रेणी में रखा गया और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सक्रिय होने की सलाह दी।
संसद के पुस्तकालय भवन में आयोजित एक कार्यशाला में सांसदों को उनके सोशल मीडिया प्रदर्शन के आधार पर तीन पेज का रिपोर्ट कार्ड सौंपा गया। यह रिपोर्ट जनवरी से अगस्त तक की गतिविधियों पर आधारित थी। उदाहरण के लिए, फेसबुक पर महीने में कोई पोस्ट न करने वाले सांसदों को निष्क्रिय और 0-60 पोस्ट करने वालों को कम सक्रिय माना गया, जबकि 60 से अधिक पोस्ट करने वाले सांसद सक्रिय श्रेणी में आए। एक सांसद ने कहा, “मैं अपनी रैंकिंग सुधारने की कोशिश कर रहा हूं और अगली समीक्षा में शीर्ष 10 में होना चाहता हूं।”
कार्यशाला में सांसदों को किया संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यशाला में सांसदों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से युवा सांसदों से कहा कि वे इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर मतदाताओं से जुड़ें और संवाद करें। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि केवल विकास कार्यों से चुनाव नहीं जीते जा सकते, बल्कि जनता से सीधा संपर्क और जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
तेजस्वी सूर्या ने भी दी एक प्रस्तुति
इस कार्यशाला में भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी एक प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया का उपयोग जनता तक पहुंचने और प्रभावी संवाद के लिए कैसे कर सकते हैं। यह कदम दर्शाता है कि भाजपा सोशल मीडिया को न केवल प्रचार का माध्यम मान रही है, बल्कि इसे जनता से सीधे जुड़ने का एक महत्वपूर्ण जरिया भी मानती है।






