संसद का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र 2026 आज से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ हुई। यह सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा और इस दौरान विपक्ष ने कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की एक व्यापक रणनीति तैयार की है। मनरेगा, विदेश नीति, मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) और महंगाई जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहने की उम्मीद है।
यह सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। 29 जनवरी को सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजे मीडिया को भी संबोधित करेंगे।
खरगे के दफ्तर में बनी विपक्ष की रणनीति
सत्र की कार्यवाही को लेकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं ने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्टी के रणनीतिक समूह ने भी बैठक की थी। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि मनरेगा विपक्ष का एक मुख्य मुद्दा रहेगा। इसके अलावा पर्यावरण, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और विदेश नीति से जुड़े सवाल भी संसद में जोर-शोर से उठाए जाएंगे।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की एक लंबी सूची तैयार की है। इसमें मनरेगा की जगह लाए गए नए ‘जीरामजी कानून’ और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पर खास फोकस रहेगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों पर बहस से बच रही है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की योजना है। विपक्ष अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और वेनेजुएला जैसे मामलों पर सरकार की कथित चुप्पी पर स्पष्टीकरण मांगेगा। विपक्ष शासित राज्यों में केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी एक प्रमुख हथियार होगा।
तृणमूल और TDP के भी अपने मुद्दे
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) SIR के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, ममता बनर्जी खुद दिल्ली आकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन कर सकती हैं। वहीं, सरकार की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) भी ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने जैसे कानून की मांग उठाने की तैयारी में है।
सरकार का पक्ष
विपक्ष के आरोपों के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि SIR जैसे चुनावी सुधारों पर मॉनसून सत्र में विस्तृत चर्चा हो चुकी है। सरकार का कहना है कि वह नियमों के तहत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा करना चाहता है। सत्र के दौरान सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण बिल भी पेश किए जाने की संभावना है, जिससे सदन में टकराव और बढ़ सकता है।





