महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार का बारामती के पास एक विमान हादसे में निधन हो गया है। इस खबर की पुष्टि के बाद महाराष्ट्र समेत पूरे देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री से लेकर विभिन्न दलों के नेताओं ने इस दुखद घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजित पवार के निधन को NDA परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार का सार्वजनिक जीवन में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
NDA परिवार के लिए अपूरणीय क्षति: अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने शोक संदेश में कहा कि अजित पवार के साथ उनका संवाद हमेशा राज्य के विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर केंद्रित रहता था। उन्होंने कहा, “बीते साढ़े तीन दशकों में अजित पवार ने जिस निष्ठा और समर्पण से सार्वजनिक जीवन जिया, वह उन्हें एक अनुभवी और जमीनी नेता के रूप में स्थापित करता है।”
“उनका अचानक जाना सार्वजनिक जीवन में एक ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी। इस कठिन घड़ी में पूरा NDA परिवार शोक संतप्त पवार परिवार के साथ खड़ा है।” — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
वरिष्ठ नेताओं ने जताया गहरा दुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को ‘अत्यंत दुखद और हृदय विदारक’ बताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार जैसे अनुभवी जननेता का असमय जाना पूरे देश के लिए पीड़ादायक है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि अजित पवार का निधन सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है और महाराष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा।


मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें एक आत्मीय सहयोगी बताते हुए कहा कि एक कुशल प्रशासक के रूप में उनका योगदान स्मरणीय रहेगा। वहीं, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि महाराष्ट्र ने एक समर्पित नेतृत्व खो दिया है।
विपक्ष भी स्तब्ध, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
इस दुखद घटना पर सत्ता और विपक्ष के बीच की सीमाएं मिट गईं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन के एक अनुभवी स्तंभ का जाना है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे भारतीय राजनीति के लिए गहरा आघात बताया।
इसके अलावा कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया और इसे राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक दुखद क्षण बताया। दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाले अजित पवार का इस तरह जाना देश की राजनीति में एक गहरा শূন্য छोड़ गया है।


