भारत और ओमान के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट साइन हो गया है। इस समझौते के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सर्विसेज और भी बढ़ेंगी। इसके साथ ही अब इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के चलते भारतीय सामान ओमान में लगभग फ्री हो जाएंगे। फाइनेंशियल ईयर 2025 में भारत और ओमान के बीच लगभग 10.613 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। वहीं इस ट्रेड एग्रीमेंट के साथ ही अब दोनों देशों के बीच सर्विसेज प्रोफेशनल्स के लिए भी नए दरवाजे खुलने वाले हैं।
दरअसल दोनों देशों के बीच साइन हुए कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट से नौकरियां और कमाई बढ़ेगी। कपड़े, जूते, ज्वेलरी और कृषि जैसे क्षेत्रों में निर्यात भी बढ़ेगा। इससे ग्रामीण कारीगरों, महिलाओं और छोटे उद्योगों को ज्यादा रोजगार और आय मिल सकेगी।
भारतीय प्रवासियों को भी फायदा होगा
दोनों देशों के बीच साइन हुए इस एग्रीमेंट के साथ ही भारतीय प्रवासियों को भी फायदा होगा। दरअसल ओमान में डॉक्टर, इंजीनियर जैसे बड़े पेशेवरों के लिए वीजा और रहने की सुविधा भी अब बढ़ेगी। इससे ज्यादा लोग काम कर सकेंगे और ओमान में रहने वाले परिवारों की आय भी मजबूत होगी। इसके साथ ही हेल्थ सेक्टर में भी नए मौके खुलेंगे। आयुष, योग और पारंपरिक चिकित्सा के लिए ओमान में नए रास्ते खुलेंगे और मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा एमएसएमई और छोटे बिजनेस को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत के लिए अपनी 98.8% टैरिफ लाइंस पर जीरो ड्यूटी एक्सेस दिया
जानकारी दे दें कि ओमान ने भारत के लिए अपनी 98.8% टैरिफ लाइंस पर जीरो ड्यूटी एक्सेस दिया है। बता दें कि इतने प्रतिशत टैरिफ लाइंस पर ड्यूटी फ्री होने से भारत के ज्यादातर एक्सपोर्ट होने वाले सामान पर ड्यूटी खत्म हो जाएगी। भारत के टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, फुटवियर, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, फर्नीचर, प्लास्टिक, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, मेडिकल डिवाइसेज, फार्मा और ऑटोमोबाइल्स जैसे सेक्टर को फायदा होगा। हालांकि भारत की ओर से सिर्फ 77.79 प्रतिशत टैरिफ लाइंस पर ड्यूटी दी गई है, लेकिन इससे भी ओमान के लगभग 94.81% इंपोर्ट कवर हो जाते हैं, जिनमें डेयरी, चॉकलेट्स, गोल्ड, सिल्वर ज्वेलरी और फुटवियर जैसे प्रोडक्ट शामिल नहीं हैं।
