ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्टस् (AIOCD) ने देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। जिसके कारण लाखों मेडिकल स्टोर बंद रहने वाले हैं। हालांकि कई रिटेल फार्मेसी एसोसिएशन संगठन ने हड़ताल से दूरी बनाने का फैसला लिया है। सरकार ने नागरिकों की जरूरत के लिए पुख्ता इंतजाम भी किए हैं।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरल पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, सिक्किम और लद्दाख में मेडिकल स्टोर्स खुले रहेंगे। मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के मेडिकल संचालकों ने हड़ताल का फैसला लिया है।
मध्य प्रदेश केमिस्ट्स एंड एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना फार्मासिस्ट निगरानी के दवाओं की बिक्री हो रही है, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है। दवा विक्रेताओं ने दावा किया है कि ऑनलाइन नकली, एक्सपायरी और प्रतिबंधित दवाओं का वितरण बढ़ रहा है। जिसका इस्तेमाल युवा नशे के लिए कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर सरकार से भी चर्चा चल रही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से भी बातचीत की गई थी। एसोसिएशन ने नागरिकों से 20 मई से से पहले जरूरी दवाओं को खरीदने की सलाह दी है।
इन 3 मांगों को लेकर हड़ताल
AIOCD द्वारा सरकार के सामने तीन मांगे रखी गई है। GSR 817(E) को वापस लेते हुए ऑनलाइन दावों की बिक्री बंद करने की मांग शामिल है। GSR 220 (ई) को वापस लेने की मांग भी की गई है, ताकि नकली दवाओं की सप्लाइ बंद हो सकते हैं। इसके अलावा कॉर्पोरेट द्वारा भारी डिस्काउंट को बंद करने की मांग भी की गई है।
कहाँ मिलेंगी दवाईयां?
सरकार द्वारा वैकल्पिक इंतजाम की सुनिश्चित किया गया है। ताकि नगररिक आपातकालीन दवाओं की जरूरत को पूरा कर सकें। सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के अंदर स्थित 24 * 7 चलने वाले फार्मेसी स्टोर खुले रहेंगे। केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र भी संचालित होंगे। अपोलो फार्मेसी, मेडडप्लस फार्मेसी समेत अन्य बड़े रिटेल फार्मेसी चेन भी पहले की तरह ही संचालित होंगे।






