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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ‘शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में हुईं शामिल, ‘सफरनामा’ पुस्तक का किया विमोचन

Written by:Gaurav Sharma
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने 'सफरनामा' पुस्तक का विमोचन किया और महिला नेतृत्व वाले विकास को भारत की प्रगति का आधार बताया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ‘शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में हुईं शामिल, ‘सफरनामा’ पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा आयोजित ‘शक्ति संवाद’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर भी मौजूद थीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘सफरनामा’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।

कार्यक्रम के दौरान ‘स्टे सेफ ऑनलाइन’ (Stay Safe Online) पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। यह कार्यक्रम देशभर के राज्य महिला आयोगों के प्रतिनिधियों के लिए एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया था।

महिला नेतृत्व वाले विकास पर जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं की भूमिका को एक नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास (Women Led Development) आज भारत की विकास यात्रा का एक मजबूत आधार बन चुका है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भागीदार और नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रही हैं।

दिल्ली में महिलाओं के लिए बेहतर माहौल

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार भी इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि राजधानी में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने, उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और आगे बढ़ने के समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि हर बेटी आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।

महिला आयोगों की भूमिका को सराहा

मुख्यमंत्री गुप्ता ने इस महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि देशभर से आईं राज्य महिला आयोगों की प्रतिनिधि नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ये आयोग महिलाओं की आवाज बनने, उन्हें न्याय दिलाने और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं, जो सराहनीय है।