मुंबई के शिवाजी पार्क में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर नारे लगाए गए। वहीं CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके समेत कई नेता ट्रक पर पहुंचे और लोगों को संबोधित किया। वहीं प्रदर्शन के दौरान 75 साल के एक बुजुर्ग की मौत की जानकारी भी सामने आई है।
वहीं प्रदर्शन के दौरान स्टेज पर मौजूद CJP के सभी लोग गांधी जी की फोटो वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। पार्टी की ओर से कहा गया कि मुंबई में हुआ प्रदर्शन अभी शुरुआत है। अभिजीत दीपके ने कहा कि मुंबई सिर्फ ट्रेलर है और आगे दिल्ली के जंतर-मंतर पर फाइनल प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्वक होने दिया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
दरअसल CJP ने इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था। बता दें कि 19 जून से 25 जुलाई तक हुए इस प्रदर्शन में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। 36 दिन के विरोध के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। वहीं अब पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में प्रदर्शन किया है।
शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन के दौरान बुजुर्ग की मौत
दरअसल शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के दौरान ठाणे निवासी 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की मौत हो गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक पिल्लई शाम करीब 4:30 बजे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। करीब 5 बजे उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। इसके बाद उनके दोस्तों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उनकी मौत की पुष्टि की। पुलिस के मुताबिक मौत हार्ट अटैक से हुई। प्रदर्शन के दौरान CJP नेता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने फिर से बर्बरता की है और उसे सुधर जाना चाहिए। वहीं अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि BJP ‘एक देश, एक पार्टी’ चाहती है। उन्होंने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ सिर्फ एक नारा है। ये बयान मुंबई में प्रदर्शन के दौरान दिए गए।
इस दौरान अभिजीत दीपके ने गांधी, आंबेडकर और नेहरू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब भारत के प्रधानमंत्री अमेरिका जाते हैं तब भी उन्हें गांधी के देश से आए व्यक्ति के तौर पर कहा जाता है। दीपके ने गांधी को देश की आत्मा, आंबेडकर को रीढ़ की हड्डी और नेहरू को दिमाग बताया।






