कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बिहार में ‘मृत मतदाताओं’ से मुलाकात करने का दावा किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया। वीडियो में गांधी उन लोगों से बात करते नजर आ रहे हैं, जो दावा करते हैं कि वे जीवित होने के बावजूद मतदाता सूची में मृत घोषित किए गए हैं। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए तंज कसा, “मुझे जीवन में कई रोचक अनुभव हुए, लेकिन ‘मृत लोगों’ के साथ चाय पीने का मौका कभी नहीं मिला। निर्वाचन आयोग को इस अनोखे अनुभव के लिए धन्यवाद!”

वीडियो में राहुल गांधी एक व्यक्ति से पूछते हैं कि ऐसे कितने मामले हैं। जवाब में एक व्यक्ति बताता है कि केवल एक पंचायत में कम से कम 50 ऐसे मामले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के निर्वाचन क्षेत्र में कई जीवित मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की सूची में मृत दिखाया गया है। लोगों ने दावा किया कि उनके पास इसका लिखित प्रमाण है और कुछ ने अपने मताधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में 6 घंटे तक खड़े रहकर संघर्ष किया।

जानकारी न देने का आरोप

राहुल गांधी और वीडियो में मौजूद लोगों ने निर्वाचन आयोग पर इन मामलों की जानकारी न देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने कहा कि वे इस मुद्दे को उठाने के लिए दूर-दराज से आए हैं और उन्होंने राजनीतिक नेताओं से बिहार को ऐसी अनियमितताओं से बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब विपक्ष, खासकर राहुल गांधी, मतदाता चोरी के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग पर हमला बोल रहे हैं।

मतों की भयंकर चोरी का दावा 

7 अगस्त को राहुल गांधी ने कर्नाटक की मतदाता सूची के आधार पर दावा किया था कि बैंगलोर सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में मतों की भयंकर चोरी हो रही है। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के दावों को खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक बताया है।