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केरल सीएम पर बयान के बाद विवादों में घिरे मणिशंकर अय्यर ने फिर बढ़ाया सियासी तापमान, कहा “मैं गांधीवादी और नेहरूवादी हूं, राहुलवादी नहीं”

Written by:Shruty Kushwaha
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बीजेपी और उसके घटक दलों का सामना कर रही कांग्रेस के सामने सिर्फ बाहरी चुनौतियां नहीं हैं। उसके लिए अंदरूनी दिक्कतें भी कुछ कम नहीं। एक ओर पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के खिलाफ चुनावी रणनीति बनाने में जुटी है, दूसरी ओर पार्टी के कई दिग्गज नेताओं के बयान न सिर्फ उसे मुश्किल में डाल रहे हैं बल्कि उनकी एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
केरल सीएम पर बयान के बाद विवादों में घिरे मणिशंकर अय्यर ने फिर बढ़ाया सियासी तापमान, कहा “मैं गांधीवादी और नेहरूवादी हूं, राहुलवादी नहीं”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अगले कार्यकाल में भी मुख्यमंत्री बने रहने की टिप्पणी करने के बाद अब एक और बयान देकर चर्चाओं में आ गए हैं। इसमें उन्होंने कहा कि वे गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं लेकिन राहुलवादी नहीं हैं।

यह पहली बार नहीं है जब मणिशंकर अय्यर ने अपने विवादास्पद बयानों से पार्टी को मुश्किल में डाला हो। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने नरेंद्र मोदी के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया था जिससे पार्टी को काफी नुकसान हुआ और कांग्रेस ने उनसे दूरी बनाई थी। वो अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ भी कई बार ऐसी टिप्पणी कर चुके हैं जिससे भारी विवाद खड़ा हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दो बार असफल बताना, शशि थरूर को पाकिस्तान विरोधी और विदेश मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा वाला कहना, पवन खेड़ा को कठपुतली कहने और जयराम रमेश पर सवाल उठाने सहित कई बातों के लिए वो पूर्व में भी चर्चाओं में घिरे रहे हैं।

केरल सीएम के दुबारा सत्ता में आने की बात कही

केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने बयानों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने टिप्पणी की कि केरल के मौजूदा मुख्यमंत्री पिनराई विजयन आगामी चुनाव में भी मुख्यमंत्री बने रहेंगे। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कांग्रेस यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को सत्ता में वापस लाने के लिए चुनावी तैयारियों में जुटी है। बता दें कि पिनराई विजयन केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता हैं। वे 2016 से लगातार मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं और राज्य में LDF की अगुवाई कर रहे हैं।

कांग्रेस ने उनके बयान से बनाई दूरी

मणिशंकर अय्यर के इस बयान से कांग्रेस ने तत्काल दूरी बना ली और इसे उनका निजी मत बताया है। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से मणिशंकर अय्यर का संगठनात्मक रूप से कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे पूरी तरह अपनी व्यक्तिगत क्षमता में बोलते और लिखते हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केरल की जनता अधिक जवाबदेह और जिम्मेदार शासन के लिए UDF को सत्ता में वापस लाएगी।

मणिशंकर अय्यर ने कहा ‘मैं राहुलवादी नहीं हूं’

अभी ये विवाद थमा भी नहीं था कि सोमवार को मणिशंकर अय्यर ने फिर कुछ ऐसा कह दिया है जिससे सियासी हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि वे गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। अय्यर ने कहा कि “डॉ. अंबेडकर की बायोग्राफी है जो कहती है ए पार्ट अपार्ट। तो मैं बस यही कह सकता हूं। राहुल गांधी भूल गए हैं कि मैं पार्टी का मेंबर हूं। इसलिए मैं गांधीवादी हूं, मैं नेहरूवादी हूं, मैं राजीववादी हूं लेकिन मैं राहुलवादी नहीं हूं।”

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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