केंद्रीय कर्मचारियों का जनवरी 2026 से बढ़ने वाले महंगाई भत्ते का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। खबर है कि होली से पहले केंद्र की मोदी सरकार महंगाई भत्ते की दरों में संशोधन कर सकती है। इस बार 2% महंगाई भत्ते बढ़ने की उम्मीद है। यह अनुमान अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही आंकड़ों से लगाया गया है।
दरअसल, श्रम मंत्रालय के AICPI-IW के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 का सूचकांक 148.2 अंक पर स्थिर रहा है। इस आधार पर 12 महीने के औसत का उपयोग करते हुए 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के तहत गणना करने पर महंगाई भत्ते का स्कोर 60.35% पर हुआ है। चूंकि महंगाई भत्ते की गणना दशमलव के बाद के अंकों से नहीं होती है, इसलिए जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाली DA की नई दर 60% होने की पूरी संभावना है। इसका लाभ पेंशनर्स को भी मिलेगा।
होली से पहले हो सकता है DA वृद्धि का ऐलान
- वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 58% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% (2% वृद्धि होने पर) तक पहुंचने की उम्मीद है। इसको लेकर वित्त मंत्रालय ने तैयारियां शुरू कर दी है। अबतक के पैटर्न के अनुसार, नई दरों का ऐलान मार्च से अप्रैल और अक्टूबर से नवंबर के बीच किया जाता है।
- संभावना है कि मार्च से पहले 25 फरवरी 2026 को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में डीए वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। चुंकी 4 मार्च को होली है। यहां से प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद आदेश जारी किए जाएंगे। हालांकि इस संबंध में अभी तक केंद्र सरकार की तरह से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है। नई दरें जनवरी 2026 से लागू होंगी, ऐसे में एरियर भी मिलेगा। यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद पहली समीक्षा होगी।
साल में 2 बार बढ़ता है महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार द्वारा साल में दो बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं। नई दरें जनवरी और जुलाई से लागू की जाती हैं। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जुलाई से दिसंबर 2025 तक जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करती हैं।
जानिए किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?
2 % महंगाई भत्ता बढ़ने पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अलग-अलग लेवल के हिसाब से सालाना 4,800 से 24,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
- यदि बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है और 58% DA पर 31,600 रुपए मिलते हैं तो 60% DA होने पर वेतन में हर माह 400 रुपए का इजाफा होगा और 32,000 रुपए मि सकते हैं।
- 40,000 बेसिक सैलरी वालों के वेतन में हर माह 800 रुपए का इजाफा होगा और 63,200 की जगह 64,000 रुपए मिलेंगे। बेसिक सैलरी 50,000 है तो 79,000 की जगह 80,000 रुपए मिलने की उम्मीद है।
- 60,000 बेसिक सैलरी वालों को 94,800 की जगह 96,000, 80,000 वालों को 1,26,400 की जगह 1,28,000 और 1,00,000 लाख सैलरी वालों को 1,58,000 की जगह 1,60,000 मिल सकते हैं।
आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
नोट: यह वृद्धि 7वें वेतन आयोग के तहत ही की जाएगी, क्योंकि अभी तक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं हुआ है। हालांकि 7वें वेतन आय़ोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू किया जाना प्रस्तावित है।




