पेपर लीक को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार पर बोला हमला, कहा- छात्रों के भविष्य को कर दिया अंधकारमय

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं और नीट-यूजी पेपर लीक विवाद ने छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। शशि थरूर ने इसे पूरी एक पीढ़ी के साथ विश्वासघात बताया है।
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राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं ने देश की पूरी शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नीट-यूजी पेपर लीक विवाद ने तो छात्रों के भविष्य को ही अंधकारमय कर दिया है, जिससे एक पूरी पीढ़ी के साथ सरासर छलावा हुआ है। इस गंभीर स्थिति को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में मौजूदा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

थरूर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था चलाई जा रही है, जिसमें परीक्षाओं की निष्पक्षता पर भरोसा करना असंभव हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो छात्र अपनी तैयारी में अथक परिश्रम करते हैं, वे अचानक यह देखकर हतप्रभ रह जाते हैं कि पेपर लीक हो गया है, हर तरफ भ्रष्टाचार और बेईमानी का बोलबाला है, और पूरी की पूरी प्रक्रिया ही दूषित हो चुकी है। ऐसी घटनाओं के कारण कभी-कभी तो परीक्षाओं को रद्द करना पड़ता है और उन्हें दोबारा शून्य से शुरू करना पड़ता है, जिससे छात्रों का बहुमूल्य समय और ऊर्जा व्यर्थ होती है।

शशि थरूर ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने भारत की परीक्षा प्रणाली की तुलना विश्व स्तर पर मान्य प्रणालियों से भी की, जिससे हमारी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह उत्पन्न होते हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि जब दुनिया में कई प्रतियोगी परीक्षाएं, चाहे वह एसएटी हो, कैम्ब्रिज परीक्षाएं हों या आईएससी जैसी अन्य प्रतिष्ठित परीक्षाएं, पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाती हैं, तो ऐसा क्यों है कि केवल हमारी सरकारी व्यवस्था में ही बार-बार गड़बड़ी और अनियमितताएं सामने आ रही हैं? उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि आखिर वह ऐसी स्थिति में क्यों है कि राष्ट्रीय परीक्षा जैसी एक सरल और सीधी प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईमानदारी की गारंटी तक नहीं दे पा रही है।

थरूर ने इन लगातार उत्पन्न हो रहे संकटों के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यह वास्तव में सरकार की अक्षमता और कमी को दर्शाता है, और सरकार को तत्काल इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस समस्या को जड़ से ठीक करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो यह एक पूरी पीढ़ी के साथ किया गया विश्वासघात है, जिसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी स्थिति के लिए हम केवल और केवल सरकार को ही दोषी ठहरा सकते हैं।

केंद्र से जवाबदेही तय करने की मांग

थरूर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकार, संबंधित मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और वे सभी लोग जिनकी वजह से ऐसी भयावह स्थिति पैदा हुई है, वे सभी इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर पूरी जिम्मेदारी डालते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना उनका कर्तव्य है कि ऐसी घटनाएं दोबारा कभी न हों। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भले ही यह पहली बार न हुआ हो, लेकिन यह आखिरी बार होना चाहिए, ताकि देश के युवाओं का भरोसा बहाल हो सके।

शशि थरूर की यह कड़ी टिप्पणी नीट-यूजी 2026 की परीक्षा को लेकर चल रहे गहन विवाद के बीच आई है। पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बाद, इस परीक्षा को अब 21 जून तक के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है और अब तक कई गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं। वहीं, देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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