कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में घोषित एशिया कप मैच को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा है। खेड़ा ने एक्स पर सवाल उठाया कि क्या अब बॉयकॉट गैंग गृह मंत्री का बहिष्कार करेगी या मैच का आनंद लेगी। उन्होंने कहा, “कारगिल दिवस पर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की तारीख की घोषणा हुई। कुछ दिन पहले गृह मंत्री ने कहा था कि बम और बातचीत साथ नहीं हो सकते। लेकिन क्रिकेट चल सकता है क्योंकि इसे उनके बेटे द्वारा संचालित किया जा रहा है।”
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मुद्दे पर बीसीसीआई की आलोचना की और कहा कि यदि यह मैच होता है तो यह सरकार और बीसीसीआई दोनों की विफलता होगी। उन्होंने कहा, “एक तरफ हम कारगिल दिवस पर अपने सशस्त्र बलों को याद करते हैं और शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं। उसी दिन पाकिस्तान के गृह मंत्री, जो पीसीबी के अध्यक्ष भी हैं, घोषणा करते हैं कि एशिया कप यूएई में होगा।” चतुर्वेदी ने मिशन सिंदूर के तहत संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुए आतंकवाद के साथ किसी भी बातचीत का विरोध किया था।
अनुमति क्यों दी जा रही
प्रियंका ने आगे कहा कि भारत ने अन्य सांस्कृतिक संबंधों को रद्द कर दिया है, पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और ट्विटर खातों को अवरुद्ध किया है, फिर बीसीसीआई को भारत-पाकिस्तान मैच की अनुमति क्यों दी जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न केवल वह बल्कि देश का हर नागरिक इस फैसले का विरोध करेगा। चतुर्वेदी ने यह भी उल्लेख किया कि पठानकोट हमले के आतंकवादी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश प्राथमिकता होनी चाहिए।
मोहम्मद अजहरुद्दीन का क्या बयान
पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस विवाद पर अपनी राय देते हुए कहा कि सरकार और बोर्ड जो भी फैसला लेंगे, वही होगा। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि या तो सब कुछ होना चाहिए, या फिर कुछ भी नहीं। अगर हम द्विपक्षीय मैच नहीं खेल रहे हैं, तो अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी नहीं खेलना चाहिए।” भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण कई वर्षों से द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज निलंबित है, जो खेल आयोजनों पर छाया डाल रहा है।






