कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पिछले 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ मिलकर भारत के लोकतंत्र को खोखला करने का षड्यंत्र रचा है। खड़गे ने दावा किया कि बीजेपी सुधार के नाम पर चुनावी हेरफेर कर रही है, जिसका उद्देश्य संविधान में निहित मतदान के अधिकार को छीनना है। उन्होंने विशेष रूप से बिहार में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के जरिए लाखों लोगों, खासकर कमजोर वर्गों को मताधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया।

खड़गे ने 130वें संवैधानिक संशोधन विधेयक को ट्रोजन हॉर्स करार देते हुए इसे बीजेपी की रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केंद्र सरकार को भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर निर्वाचित राज्य सरकारों को हटाने की शक्ति देता है, जिसमें बीजेपी के नियंत्रण वाली एजेंसियां फैसला करेंगी। खड़गे ने सवाल उठाया कि जब 30 दिनों के भीतर निर्वाचित मुख्यमंत्रियों को कानूनी रूप से हटाया जा सकता है, तो फिर चुनाव कराने की आवश्यकता ही क्या है?

लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा

उन्होंने इस विधेयक को लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा बताते हुए कहा कि यह बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है, जो मतदाताओं के अधिकारों पर सीधा हमला है। खड़गे ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण दिन पर संवैधानिक संस्थाओं को आरएसएस-बीजेपी के चंगुल से बचाने की प्रतिज्ञा दोहराई जानी चाहिए।

लोकसभा में तीन विधेयकों को किया पेश

गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने लोकसभा में तीन विधेयकों को पेश किया था, जिनमें प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों या मुख्यमंत्रियों को गंभीर आरोपों पर 30 दिनों तक लगातार हिरासत में रहने पर 31वें दिन पद से हटाने का प्रावधान है। इन विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया है, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए विधेयक की प्रतियां फाड़ दी थीं।