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पहली वफादारी तो देश के लिए, पार्टी के लिए नहीं; शशि थरूर ने ऐसा क्या कहा जिसकी खूब हो रही चर्चा

Written by:Mini Pandey
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शशि थरूर ने जोर देकर कहा कि उनकी पहली निष्ठा राष्ट्र के प्रति है। उन्होंने सशस्त्र बलों और सरकार के प्रति अपने समर्थन को दोहराते हुए कहा कि वह देशहित में अपने रुख पर कायम रहेंगे।
पहली वफादारी तो देश के लिए, पार्टी के लिए नहीं; शशि थरूर ने ऐसा क्या कहा जिसकी खूब हो रही चर्चा

कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और राजनीतिक दल देश को बेहतर बनाने का माध्यम हैं। कोच्चि में ‘शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय विकास’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सभी दलों का लक्ष्य एक बेहतर भारत का निर्माण होना चाहिए, भले ही इसके तौर-तरीके अलग हों।

शशि थरूर ने जोर देकर कहा कि उनकी पहली निष्ठा राष्ट्र के प्रति है। उन्होंने सशस्त्र बलों और सरकार के प्रति अपने समर्थन को दोहराते हुए कहा कि वह देशहित में अपने रुख पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा सशस्त्र बलों और सरकार का समर्थन किया है। खासकर सीमाओं पर हाल की घटनाओं को लेकर, क्योंकि यह देश के लिए सही है।”

‘भारत इसलिए लौटा ताकि…’

कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में शशि थरूर ने कहा कि उनका दर्शन हमेशा राष्ट्र प्रथम रहा है। उन्होंने बताया कि वह भारत इसलिए लौटे ताकि राजनीति और अन्य माध्यमों से देश की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा, “मैंने हर संभव तरीके से देश की सेवा करने की कोशिश की है।”

‘राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं आए’

कांग्रेस आलाकमान से किसी विवाद के सवाल पर थरूर ने कहा कि वह यहां राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं बल्कि विकास, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव जैसे विषयों पर बोलने आए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे दोनों भाषणों का उद्देश्य लोगों को प्रेरित करना और सकारात्मक दिशा में योगदान देना था। उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।