सीपी राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बन चुके हैं। दरअसल 12 सितंबर को उन्होंने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। यह शपथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई। अब 11 सितंबर 2030 तक सीपी राधाकृष्णन का कार्यकाल रहेगा। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। वहीं शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब दोपहर 12:30 पर सभी नेताओं के साथ राज्यसभा में उपराष्ट्रपति बैठक करेंगे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी इस सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए। हालांकि इस दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और वेंकैया नायडू भी मौजूद रहे, लेकिन जगदीप धनखड़ की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींच लिया।
152 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी
जानकारी दे दें कि 9 सितंबर को एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना गया था, जबकि इंडिया गठबंधन ने सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार चुना था। चुनाव के दौरान सीपी राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट प्राप्त हुए थे, जिसके चलते अब वे भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बन चुके हैं। इससे पहले गुरुवार को नई जिम्मेदारी सौंपने के लिए सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की गई।
महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा
जानकारी दे दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। बता दें कि अब तक 15 उपराष्ट्रपति भारत के बन चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा तमिलनाडु से रहे हैं। सीपी राधाकृष्णन भी तमिलनाडु से हैं। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, रामास्वामी वेंकटरमण और सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के उपराष्ट्रपति रहे हैं, जबकि दो राजस्थान और दो आंध्र प्रदेश से रहे हैं। दो मध्य प्रदेश के उपराष्ट्रपति भी रहे हैं।






