महाराष्ट्र के राज्यपाल राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। इसका ऐलान जेपी नड्डा द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा की गई बैठक में राधाकृष्णन के नाम पर सहमति जताई गई है। अब 21 अगस्त को राधाकृष्णन नामांकन दाखिल करेंगे। जानकारी के मुताबिक, नामांकन के दौरान एनडीए शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते हैं।
जानकारी दे दें कि 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग की जाएगी। 9 सितंबर को ही काउंटिंग भी हो जाएगी। यानी जल्द ही देश के उपराष्ट्रपति का चेहरा सामने आ जाएगा। दरअसल 21 अगस्त नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख रखी गई है, जबकि उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपना नाम वापस ले सकते हैं।
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क्यों उपराष्ट्रपति उम्मीदवार का ऐलान किया गया ?
21 जुलाई की रात को जगदीप धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भारतीय राजनीति में हलचल मच गई। दरअसल उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। 74 साल के जगदीप धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक रहने वाला था, लेकिन अपने कार्यकाल से पहले ही उन्होंने इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। इसके बाद से ही अगले उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम की चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि अब एनडीए की ओर से राधाकृष्णन को उम्मीदवार चुना गया है।
क्या सी.पी. राधाकृष्णन होंगे अगले उपराष्ट्रपति?
लोकसभा में कुल सांसदों की संख्या 542 है जबकि एक सीट खाली है। पार्टी के हिसाब से देखा जाए तो एनडीए के पास 293 सांसद हैं। राज्यसभा में 245 सांसद हैं जबकि पांच सीट खाली है। इंडिया गठबंधन के पास राज्यसभा में 129 सांसद हैं। ऐसे में एनडीए के सदस्य उम्मीदवार राधाकृष्णन के पक्ष में मतदान करेंगे। बता दें कि बहुमत के लिए 391 सांसदों के समर्थन की जरूरत होती है। हालांकि एनडीए के पास कुल 222 सांसद हैं। ऐसे में अगर एनडीए गठबंधन के सदस्य भी राधाकृष्णन को वोट देते हैं तो भारत के अगले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन हो सकते हैं।