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इंडिया गठबंधन में दरार! बिहार, महाराष्ट्र के बाद अब जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और NC में तनातनी

Written by:Mini Pandey
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर भी सब कुछ ठीक नहीं है। श्रीनगर से NC के लोकसभा सांसद आगा रूहुल्लाह ने अपनी ही पार्टी की नीतियों की आलोचना की है और बडगाम उपचुनाव में अपने चाचा आगा महमूद के लिए प्रचार करने से इनकार कर दिया है।
इंडिया गठबंधन में दरार! बिहार, महाराष्ट्र के बाद अब जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और NC में तनातनी

इंडिया गठबंधन में सहयोगी दलों के बीच तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। बिहार में महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर गतिरोध और महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के अकेले लड़ने के ऐलान के बाद अब जम्मू-कश्मीर में भी सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और कांग्रेस के बीच मनमुटाव उभरकर सामने आया है। दो विधानसभा सीटों (नगरोटा और बडगाम) पर होने वाले उपचुनाव और चार राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर दोनों दलों में तनाव बढ़ गया है।

जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से राज्यसभा की चार में से एक सुरक्षित और जिताऊ सीट की मांग की थी, लेकिन NC ने इसके बजाय असुरक्षित चौथी सीट की पेशकश की, जिसे कांग्रेस ने ठुकरा दिया। इसके अलावा, NC ने नगरोटा विधानसभा सीट पर कांग्रेस से उम्मीदवार उतारने का आग्रह किया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे भी अस्वीकार कर दिया। नतीजतन, NC ने नगरोटा उपचुनाव के लिए अपनी जिला विकास परिषद की सदस्य शमीम बेगम को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इन घटनाओं ने गठबंधन में दरार की अटकलों को हवा दी है।

बडगाम उपचुनाव में अपने चाचा आगा महमूद के लिए करेंगे प्रचार

नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर भी सब कुछ ठीक नहीं है। श्रीनगर से NC के लोकसभा सांसद आगा रूहुल्लाह ने अपनी ही पार्टी की नीतियों की आलोचना की है और बडगाम उपचुनाव में अपने चाचा आगा महमूद के लिए प्रचार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में NC सरकार की आरक्षण नीति की भी आलोचना की, जिसे वे खुली योग्यता के खिलाफ मानते हैं। ये आंतरिक मतभेद और गठबंधन सहयोगियों के बीच तनाव NC और कांग्रेस के रिश्तों को और जटिल बना रहे हैं।

 जम्मू-कश्मीर में भी गठबंधन के दलों के बीच मतभेद

इन घटनाओं से इंडिया गठबंधन की एकता पर सवाल उठ रहे हैं। बिहार और महाराष्ट्र के बाद जम्मू-कश्मीर में भी गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। 24 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव और 11 नवंबर को नगरोटा व बडगाम में होने वाले उपचुनाव गठबंधन की एकजुटता के लिए महत्वपूर्ण होंगे। विश्लेषकों का मानना है कि ये मतभेद गठबंधन की रणनीति और भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर गहरा असर डाल सकते हैं।