Atishi took charge as Delhi CM :  दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना ने आज बतौर मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी संभाल ली, हालाँकि जैसा उनके बारे में कहा जा रहा था कि वे डमी या फिर खडाऊं सीएम हैं, उन्होंने इसे प्रमाणित भी कर दिया, उन्होंने पद सँभालने के बाद वीडियो सन्देश में खुद को भरत बताते हुए राम की खडाऊं रखकर शासन करने वाले बात का जिक्र किया और पास में एक खाली कुर्सी रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की ये कुर्सी अरविंद केजरीवाल का इंतजार करेगी, आतिशी के वीडियो बाहर आते ही सोशल मीडिया पर मनमोहन सिंह ट्रेंड होने लगा।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा मनमोहन सिंह 

आतिशी ने मुख्यमंत्री बनते ही अपने कार्यालय में पहला जो काम किया उससे एक बाद फिर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम की चर्चा सोशल मीडिया पर शुरू हो गई, कहा जाता है कि मनमोहन सिंह जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब पावर सोनिया गांधी के हाथ में थी, भाजपा और अन्य विपक्षी दल मनमोहन सिंह को डमी या फिर रबर स्टाम्प सीएम कहते थे, सोशल मीडिया पर बहुत से ऐसे वीडियो और फोटो मौजूद हैं जहाँ भारत में आने वाले दूसरे देशों के राष्ट्र प्रमुख तक पहले सोनिया गांधी से मिलते था और उनके पास मनमोहन सिंह खड़े होते थे और यही विपक्ष को मनमोहन सिंह हमला करने का मौका देते थे।

केजरीवाल के नाम की खाली कुर्सी से मचा सियासी बवाल 

अब एक बार फिर दिल्ली में यही सब हो रहा है, आज आतिशी ने दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के रूप में कुर्सी संभाली लेकिन उन्होंने अपनी कुर्सी के पास में एक खाली कुर्सी रखकर विपक्ष को फिर बोलने का मौका दे दिया, भाजपा ने इस पर तंज कसा है, भाजपा मध्य प्रदेश के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा – यह बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है।

तो क्या आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल?

आशीष अग्रवाल ने लिखा, पद -कुर्सी का लालच और उसको खोने का डर अरविंद केजरीवाल को ऐसा सता रहा है कि पाँच महीने में आतिशी का क़द केजरीवाल से बड़ा ना हो जाए इसलिए फर्जीवाल ने आतिशी की कुर्सी से बड़ी कुर्सी ऑफिस में रखवा दी। यह बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है तो फिर कुर्सी पर कौन बैठेगा? तो क्या मान लिया जाए कि आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल?