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आबकारी नीति मामला: दिल्ली हाईकोर्ट में अरविंद केजरीवाल खुद करेंगे पैरवी, मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को

Written by:Shruty Kushwaha
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यह मामला सीबीआई की उस अपील से जुड़ा है, जिसमें निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। फरवरी में अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को बरी किया था। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच से खुद को अलग करने की याचिका दायर की है।
आबकारी नीति मामला: दिल्ली हाईकोर्ट में अरविंद केजरीवाल खुद करेंगे पैरवी, मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को

फाइल फोटो

दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े बहुचर्चित मामले में सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर रिफ्यूजल याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई तेरह अप्रैल को होगी।

सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने अदालत में कहा कि वह इस मामले में स्वयं अपनी पैरवी करना चाहते हैं। अदालत ने उनकी इस बात को रिकॉर्ड पर लिया। सुनवाई के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते हुए अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के सवालों पर कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

अरविंद केजरीवाल ने दायर की है रिक्यूजल याचिका

दिल्ली शराब आबकारी नीति मामले में सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच से खुद को अलग करने की रिक्यूजल याचिका दायर की। इस याचिका में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका जताते हुए न्यायालय से अनुरोध किया गया कि मामले की सुनवाई किसी अन्य पीठ के समक्ष कराई जाए।

खुद करेंगे मामले की पैरवी

सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अदालत में कहा कि वह इस याचिका पर अपनी पैरवी खुद करेंगे। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्होंने अभी तक किसी वकील को वकालतनामा नहीं दिया है। इस पर अदालत ने उनकी बात को रिकॉर्ड पर लिया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा और नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई तेरह अप्रैल को दोपहर ढाई बजे निर्धारित की गई है।

ये है मामला

बता दें कि इस साल 27 फरवरी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 21 लोगों को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि सीबीआई के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इस फैसले के खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है। सीबीआई का कहना है कि निचली अदालत ने सबूतों की सही व्याख्या नहीं की और आदेश कानून के अनुसार नहीं है। वर्तमान में यह अपील दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष लंबित है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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