रविवार देर रात दिल्ली के रामलीला मैदान में उस समय हंगामा मच गया जब SSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं और 44 लोगों को हिरासत में लिया गया। छात्रों का आरोप है कि वे शांतिपूर्वक अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन अचानक पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस घटना के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इसे ‘बीजेपी की तानाशाही और गुंडागर्दी’ बताया।
छात्रों का आरोप: शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद बरसी लाठियां
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने बताया कि वे लंबे समय से SSC परीक्षा में कथित धांधलियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात कह रहे थे। लेकिन रविवार रात अचानक कुछ लोग भीड़ में घुस आए और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। छात्रों का आरोप है कि ये लोग सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने माहौल को बिगाड़ा। इसके बाद भगदड़ मच गई और पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। छात्रों ने यह भी कहा कि कई लोगों को बिना किसी वजह के हिरासत में लिया गया और कुछ मीडिया कर्मियों को कवरेज से भी रोका गया।
पुलिस का पक्ष: नियम तोड़ने पर की गई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि रामलीला मैदान में करीब 1500 लोग इकट्ठा हुए थे। प्रशासन की ओर से तय समयसीमा के तहत रात को प्रदर्शन खत्म करने को कहा गया था, लेकिन करीब 100 लोग नहीं हटे। पुलिस ने बार-बार समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो कार्रवाई करते हुए 44 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का दावा है कि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला गया और अब हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज की बात से इनकार नहीं किया लेकिन इसे स्थिति संभालने की मजबूरी बताया।
बीजेपी की तानाशाही और गुंडागर्दी देखिए…
SSC परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर ये छात्र महीनों से इंसाफ़ की लड़ाई लड़ रहे थे। उनकी आवाज़ सुनने की बजाय रात के अंधेरे में उन पर लाठियाँ बरसा दी गईं। सोचिए… जिन हाथों में कल किताबें होनी चाहिए थीं, आज उन पर चोटों के निशान हैं। मीडिया… https://t.co/F3oLAkY4QP
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 25, 2025
केजरीवाल का हमला: ‘बीजेपी ने लोकतंत्र का मजाक बना दिया’
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना की तीखी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, “SSC परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर ये छात्र महीनों से इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे थे। उनकी आवाज़ सुनने की बजाय रात के अंधेरे में उन पर लाठियाँ बरसा दी गईं। सोचिए, जिन हाथों में कल किताबें होनी चाहिए थीं, आज उन पर चोटों के निशान हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया को कवरेज करने से रोका गया और सरकार विरोधी आवाजों को लाठी और जेल के दम पर दबाया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा, “देश में खुली गुंडागर्दी चल रही है और बीजेपी ने लोकतंत्र का मजाक बना दिया है।”
छात्र बोले- हमें न्याय चाहिए, डर नहीं
घायल छात्रों और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे किसी भी तरह की हिंसा नहीं कर रहे थे। एक छात्र ने बताया, “हम सिर्फ यही मांग कर रहे थे कि SSC परीक्षा की जांच हो और दोषियों को सज़ा मिले। लेकिन हमारी आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई।” एक अन्य छात्रा ने कहा, “हम पढ़-लिखकर सिस्टम में बदलाव लाना चाहते थे, लेकिन हमें ही अपराधी की तरह ट्रीट किया जा रहा है। ये हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।”
सियासी दलों की तीखी प्रतिक्रिया, जांच की मांग तेज
इस घटना के बाद कई विपक्षी दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने न्यायिक जांच की मांग की है तो कुछ ने इस पूरे मुद्दे को संसद और विधानसभा में उठाने की बात कही है। हालांकि बीजेपी की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार प्रदर्शनकारियों के पक्ष को सुनने के लिए तैयार है-बशर्ते प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से हो।





