दिल्ली की राजनीति में इन दिनों गर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार पर तीखा हमला बोला है। सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई आरोप लगाए और दावा किया कि सिर्फ छह महीने में ही जनता बीजेपी की सरकार से नाराज हो चुकी है। उन्होंने कई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में विरोध की आवाज़ें दबाने की कोशिश की जा रही हैं।
CM रेखा गुप्ता पर हमला और जनता का विरोध
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दो दिन पहले एक व्यक्ति ने आवारा कुत्तों के मुद्दे पर नाराज होकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला कर दिया। इसके अलावा, 22 अगस्त को जब सीएम गांधीनगर मार्केट पहुंचीं, तो वहां भी स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया। भारद्वाज का कहना है कि यह सब इस बात का संकेत है कि दिल्ली की जनता अब भाजपा सरकार से खुश नहीं है। उन्होंने कहा, “जनता को बीजेपी सरकार से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन अब लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”
मंत्री आशीष सूद और विधायक हरीश खुराना पर गंभीर आरोप
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद और विधायक हरीश खुराना पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आशीष सूद ने जनकपुरी विधानसभा में प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के अभिभावकों के साथ बैठक रखी थी, लेकिन जब अभिभावकों ने सवाल पूछे तो मंत्री भड़क गए और चिल्लाने लगे कि यहां उनकी बात सुनी जाएगी, किसी और की नहीं। वहीं, मोती नगर स्थित आचार्य भिक्षु अस्पताल में विधायक हरीश खुराना ने जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न से हाथापाई की, जिसका विरोध करते हुए 42 डॉक्टरों ने लिखित शिकायत दी। लेकिन भारद्वाज का दावा है कि दिल्ली सरकार ने अस्पताल प्रशासन पर दबाव डालकर FIR दर्ज नहीं होने दी।
वीडियो सबूत छिपाने के आरोप
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे मामलों के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज छुपा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की घटना का वीडियो सरकार ने बाहर नहीं आने दिया और मौके पर मौजूद लोगों के मोबाइल फोन जब्त करवा लिए गए। मोबाइलों को चेक कर वीडियो डिलीट कर दिए गए। उन्होंने कहा, “ये लोकतंत्र में नहीं होना चाहिए। जनता को अपनी बात कहने और सरकार से सवाल पूछने का पूरा हक है।”
सरकार पर गरीबों को उजाड़ने और नौकरियों से निकालने का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब से बीजेपी सरकार बनी है, गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा परेशान हुए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले झुग्गी बस्तियों को उजाड़ा गया, फिर छोटे-छोटे काम करके घर चलाने वालों की दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 10 हजार बस मार्शलों को नौकरी से निकाल दिया गया। मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा रहे हैं और वहां काम करने वाले लोगों को निकाला जा रहा है। अस्पतालों में डॉक्टरों को पीटा जा रहा है और FIR दर्ज नहीं की जा रही।





